धार की प्राचीन धरोहर राजा भोज कालीन संस्कृत महाविद्यालय माने जाने वाली भोजशाला में बसंत पंचमी पर्व पर बुधवार को सूर्योदय के साथ ही दर्शन-पूजन एवं हवन का दौर शुरू हो गया, जो सूर्यास्त तक चलेगा। इसके साथ ही बुधवार से चार दिवसीय बसंत महोत्सव का भी शुभारंभ हो गया है। इसी कड़ी में धार का गौरव दिवस भी मनाया जा रहा है।
बुधवार को सूर्योदय के साथ ही प्राचीन भोजशाला में माँ वाग्देवी सरस्वती के दर्शन पूजन को लेकर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। हर कोई ज्ञान की देवी मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन कर हवन कुंड में अपनी आहुति डालने को आतुर दिखा। अल सुबह से ही भोजशाला में आयोजित बसंत पंचमी महोत्सव को लेकर नगर में उत्साह का वातावरण है। और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला में पहुंच रहे हैं। भोज उत्सव समिति ने भोजशाला को भगवा पताकाओं के साथ ही फूलों की मालाओं से सजाया है। पुलिस-प्रशासन ने भी आयोजन की सुरक्षा को देखते हुए भारी तादाद में तैनाती की है। कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगाह रखी जा रही है।