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Dhar Dam News: धार के 304 करोड़ के कारम बांध निर्माण में भ्रष्टाचार, जाने कहां कैसे हुई गड़बड़

Sat, 13 Aug 2022 05:58 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

धार के 304 करोड़ के कारम बांध निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने तीन माह पहले इसकी शिकायत जिला प्रशासन से लेकर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को करने का दावा किया, लेकिन उस पर कोई जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।
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धार का कारम बांध - फोटो : अमर उजाला
धार के 304 करोड़ के कारम बांध निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने तीन माह पहले इसकी शिकायत जिला प्रशासन से लेकर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को करने का दावा किया, लेकिन उस पर कोई जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।
 

 
 
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धार कारम डैम पहुंची मेघा पाटकर - फोटो : अमर उजाला
धार के धरमपुरी स्थित गांव कोठीदा में कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध के फूटने की आंशका ने दो दिन से सरकार की नींद उड़ा दी है। इस बीच स्थानीय व्यक्ति का डैम निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके पर पहुंची नर्मदा बचाव आंदोलन से जुड़ी मेद्या पाटकर और कांग्रेस ने भी निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए है। इन आरोपों पर अमर उजाला ने विशेषज्ञों और अधिकारियों से बात कि तो कई स्तर पर गड़बड़ी सामने आ रही है। हालांकि अभी बांध साइट पर एजेंसियां जांच कर रही है। जिसके बाद ही सही जानकारी सामने आएंगी। लेकिन जानकारों का कहना है कि बांध के स्पेशिफिकेशन के अनुसार मिट्टी की लेयर को मेंटेट करने में ही सबसे बड़ी लापरवाही की गई है। उन्होंने बिन्दुआर बताया कि
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धार के कारम डेम पर कैनल बनाने खड़ी जेसीबी मशीनें - फोटो : अमर उजाला
  1. बांध की दीवार के निर्माण में जल्दबाजी में मिट्टी में पानी का अनुपात और उसे कम्पैक्ट करने में लापरवाही की गई है।  
  2.  नियमानुसार मिट्टी की 15 सेंटीमीटर तक लेयर को मेंटेन करना होता है। 1 मीटर में 6 से 7 लेयर होती है। इसे रोलर चलाकर मेंटेन किया जाता है। यहां ध्यान ही नहीं दिया गया।
  3. बांध की दीवार बनाते समय बीच में हर्टिंग जोन में काली मिट्टी डाली जाती है। जो मिट्टी को पकड़ कर रखती है। इससे पानी लीकेज नहीं होता। इसके बाद दोनों साइट केसिंग जोन में पत्थर वाली मुरम डाली जाती है। इसका भी ख्याल नहीं रखा गया लगता है।  
  4. स्थानीय लोगों ने बांध की दीवार में मिट्टी में बड़े बड़े पत्थर डाल कर बनाने का का आरोप लगाया। निर्माणाधीन बांध में पानी रिसाव से इन आरोपों के सही होने की संभावना बढ़ाता है।
  5.  बरसात के चलते 31 मई तक बांध निर्माण का काम पूरा होना था, लेकिन बांध बरसात शुरू होने के बाद भी निर्माणाधीन स्थिति में ही था। यानी विभग और एजेंसी की प्लानिंग में ही गड़बड़ी दिखती है।
  6. बांध निर्माण के काम में अधिकारियों के मॉनीटरिंग में उदासीनता बरती गई
  7. स्थानीय लोगों 40 हजार लोगों की जान जोखिम में होने की शिकायत पर तीन महीने गंभीरता बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।
 
कांग्रेस ने जांच समिति गठित की

प्रदेश कांग्रेस ने कारम नदी पर बने बांध में भ्रष्टाचार, गुणवत्ताहीन निर्माण और अनियमितता के कारण लीकेज होने के मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है। 8 सदस्यीय समिति में धार जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, विधायक गंधवानी उमंग सिंगार, विधायक कुक्षी सुरेनेंद्र सिंह बनी बघेल, इंदौर विधायक संजय शुक्ला, देपालपुर विधायक विशाल पटेल, सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल, धरमपुरी विधायक प्राचीलाल मेडा, मनावर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा शामिल है।
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