गुजरात के बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मारे गए मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों का नर्मदा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। गांव में मातम पसरा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सरकार ने सहायता राशि दी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन लगातार प्रयासरत रहा।
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देवास के संदलपुर गांव में नर्मदा किनारे एक साथ जलीं 18 चिताएं
- फोटो : अमर उजाला
गुजरात के बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मारे गए मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों का अंतिम संस्कार गुरुवार को नर्मदा किनारे किया गया। देवास जिले के खातेगांव के पास गांव संदलपुर के नर्मदा किनारे 18 चिताएं एक साथ जलाई गईं। जिसने भी ये दिल दहलाने वाला दृश्य देखा, उसके आंसू नहीं थम रहे थे।
बता दें कि गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री हादसे में देवास के संदलपुर के 10 और हरदा जिले के आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। करीब 48 घंटे बाद उनके शव उनके पैतृक गांव पहुंचे। एंबुलेंस पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में मातम पसर गया, चारों तरफ विलाप सुनाई देने लगा। कोई अपने बेटे को तो कोई अपनी बेटी को ताबूत में देख कर फूट-फूटकर रोने लगा। प्रशासन ने शवों को पांच मिनट के लिए मृतक परिवारों के घर के सामने रखा, फिर अंतिम संस्कार के लिए नेमावर रवाना किया। नेमावर घाट पर 18 शवों के अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल गमगीन था।
गुजरात फैक्ट्री हादसे में मारे गए मप्र के लोगों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
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हरदा पटाखा फैक्ट्री में भी कर चुके थे काम
इस हादसे में जान गंवाने वाले कुछ मजदूर पहले हरदा की पटाखा फैक्ट्री में भी काम कर चुके थे। उनमें से कुछ लोग उस समय किसी हादसे में बच गए थे, लेकिन इस बार वे बच नहीं सके।
गांव में पसरा मातम
ग्राम संदलपुर में एंबुलेंस पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन ताबूत में रखे शवों को देख उनसे लिपट गए और बिलखने लगे। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाया और शवों को अंतिम संस्कार के लिए नेमावर रवाना किया।
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जिसने भी ये मार्मिक दृश्य देखा, उसकी आंखें भी नम हो गईं
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नेमावर घाट पर जलीं 18 चिताएं
नेमावर घाट पर जैसे ही शव पहुंचे, वहां लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस बल भी सुरक्षा के लिए तैनात रहा। देवास जिले के संदलपुर के 10 और हरदा के 8 मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। घाट पर 18 चिताएं जलती देख हर कोई स्तब्ध रह गया। हरदा और देवास के कलेक्टर व एसपी भी मौके पर मौजूद रहे।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अंतिम संस्कार में पहुंचे पूर्व मंत्री कमल पटेल ने इसे हृदयविदारक घटना बताते हुए कहा कि सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।
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शव पहुंचने से पहले ही चिताओं के लिए लकड़ी-कंडे जुटा लिए गए थे
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नर्मदा घाट पर मानो मातम पसर गया
बता दें कि चार एंबुलेंस से सभी शवों को नर्मदा किनारे तक लाया गया था। प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। लकड़ी-कंडे जुटा लिए थे, शव पहुंचते ही चिताएं तैयार कर ली गई थीं। करीब दो घंटे तक पूरा प्रशासन मौके पर डटा रहा। जैसे-जैसे चिताएं जलती गईं, मौके पर जैसे सन्नाटा पसर गया। हर शख्स की आंखों में नमी दिखाई दे रही थी। परिजन देर तक मौके पर ही रहे।
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विधायक आशीष शर्मा पूरे समय वहीं रहे
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ऐसा दृश्य पहली बार देखा
विधायक आशीष शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा मंजर देखा है। उन्होंने मां नर्मदा से प्रार्थना की कि ऐसा दृश्य दोबारा न देखने को मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी।
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देवास के आला अधिकारी भी अंतिम संस्कार स्थल पर करीब दो घंटे तक रुके रहे
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मुख्यमंत्री सहायता राशि के चेक वितरित
कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक परिजनों को सौंपे गए हैं। प्रशासन की टीम 48 घंटे तक शवों को लाने की प्रक्रिया में लगी रही।
चार एंबुलेंस से पहुंचाए शव नर्मदा किनारे
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गुजरात प्रशासन से लगातार संपर्क में रही देवास पुलिस
देवास एसपी पुनीत गहलोत ने बताया कि गुजरात प्रशासन और पुलिस से सतत संपर्क बनाए रखा गया, जिससे शवों को समय पर उनके पैतृक गांव लाया जा सका। प्रशासन मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।
हरदा फैक्ट्री से बचे पर मौत गुजरात की फैक्ट्री ले गई
गुजरात के बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में हादसे में अपनी जान गवा चुके कुछ लोगों ने हरदा के पटाखा फैक्ट्री में भी काम किया था। जिन में कुछ लोग उसे हादसे में बच गए थे, लेकिन अब गुजरात फैक्ट्री में हादसा हुआ तो उनकी जान चली गई।