भोला के घर के बाहर पड़ा सन्नाटा।
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गोलीकांड के बाद क्या हुआ?
सोमवार को हुए गोलीकांड के बाद पुलिस ने आरोपी भोला अहिरवार की तलाश के लिए एटीएस टीम का गठन किया गया था। उस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया था। मंगलवार मंगलवार सुबह करीब नौ बजे आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट की और एसपी छतरपुर को खुद की लोकेशन बताई। इसके अलावा उसने खुद को निर्दोश बताते हुए कई बातें लिखी। आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पकड़ने की तैयारी शुरू की। बताया गया कि इस दौरान उसने पुलिस पर फयारिंग कर दी, पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस बीच उसने खुद की कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सागर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि पुलिस से घिरे होने के कारण घबराहट में उसने ऐसा किया था।
भोला के आखिरी शब्द....
'मैंने किसी का रेप नहीं किया, यह पूरा गांव जानता है। लेकिन, मुझे फिर भी साजिश के अनुसार फंसाया गया, सिर्फ पैसे के लिए और पैसे ले देकर मेरे खिलाफ पोस्को 376 जैसी धारा में केस दर्ज करवाया गया। हां, यह जरूर है कि जो कल हुआ वो मैंने ही किया है। एसपी साहब से मेरा कहना है कि मैं यहां सिद्ध बाबा पूछी वाले रोड के यहां हूं, यहीं मिल जाऊंगा आप आ जाएं। सिविल लाइन टीआई ने बाल्मीक चौबे ने पैसे लेकर मुकदमा कायम किया था, मुझे अपराधी बनाने के लिए। मैं जो गाड़ी लाया था, वह किसी की मांग कर लाया था, उसे इस बारे में कुछ नहीं पता था कि मैं क्या करने वाला हूं। और किसी को जबरदस्ती मुजरिम नहीं बनाना। मेरे खिलाफ जब मुकदमा कायम हुआ, उसमें प्रेमचंद डालू सरपंच और एवीएन दीपक पाली, इन दो दलालों ने उन्हें भटकाया और मुकदमा कायम करवाया। यह पोस्ट में एक मजदूर के मोबाइल से कर रहा हूं जो यहां काम कर रहा है'।