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34 दिन बाद कब्र से निकाला शव: संदिग्ध मौत मामले में पोस्टमार्टम शुरू, एसपी-DGP से गुहार लगाने के बाद कार्रवाई

Sat, 25 Apr 2026 02:38 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

Rajdev Khangar Suspicious Death Case: छतरपुर के बदौराकला गांव में 75 वर्षीय राजदेव खंगार की संदिग्ध मौत के 34 दिन बाद शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। भतीजे ने हत्या का आरोप लगाया है। अब बिसरा जांच से सच्चाई सामने आएगी।
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राजदेव खंगार संदिग्ध मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत प्रकाश बम्होरी थाना क्षेत्र के ग्राम बदौराकला में सामने आए एक संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 75 वर्षीय राजदेव खंगार की मौत के करीब 34 दिन बाद शुक्रवार को प्रशासन के आदेश पर उनका शव जमीन से खुदवाकर बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
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भतीजे ने छतरपुर से लेकर भोपाल तक काटे दफ्तरों के चक्कर - फोटो : अमर उजाला
भतीजे ने शुरू से जताई थी मौत पर शंका
मृतक के भतीजे सुनील खंगार ने शुरुआत से ही इस मौत को संदिग्ध बताया था। उनका आरोप है कि उनके चाचा राजदेव खंगार को जहर देकर मार दिया गया।

 
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जेसीबी से कब्र खोदकर निकाला गया शव - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में उन्होंने 25 मार्च 2026 को एसपी, कलेक्टर, डीआईजी सहित अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद वे भोपाल जाकर डीजीपी तक पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।
 

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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस तथा अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
थाना प्रभारी पर शिकायत न सुनने का आरोप
सुनील खंगार ने आरोप लगाया है कि जब वह प्रकाश बम्होरी थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो थाना प्रभारी सुमित सुमन ने उनकी बात सुने बिना आवेदन फेंक दिया और धमकाते हुए वहां से भगा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों से साठ-गांठ कर पोस्टमार्टम नहीं होने दिया और शव को जल्दबाजी में दफना दिया गया।
 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस तथा अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
गांव में दफनाया गया था शव
परिजनों के अनुसार, 21 मार्च को गांव के ही भानुप्रताप यादव, उनके पुत्र अभिषेक यादव और छोटू यादव राजदेव को अपने साथ ले गए थे। अगले दिन वे शव लेकर लौटे और मौत की जानकारी दी। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए ग्रामीणों की मदद से शव को दफना दिया गया।

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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस तथा अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
जमीन विवाद से जुड़ा हो सकता है मामला
मामले में एसडीओपी नवीन दुबे का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। मृतक के पास 4 से 5 एकड़ जमीन थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने एक लड़की को गोद लिया था, जो उनके साथ रहती थी।
 
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राजदेव खंगार के शव के पास पुलिसकर्मी तथा एफएसएल टीम - फोटो : अमर उजाला
गोद ली हुई लड़की ने दिया अलग बयान
एसडीओपी के मुताबिक, गोद ली हुई लड़की ने बयान दिया है कि मृतक ने स्वयं कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और गांव वालों की सहमति से शव को दफना दिया गया।
 
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राजदेव खंगार के शव के पास पुलिसकर्मी तथा एफएसएल टीम - फोटो : अमर उजाला
बिसरा जांच से सामने आएगी सच्चाई
भतीजे द्वारा जहर देकर हत्या की आशंका जताने के बाद प्रशासन ने शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया है। एसडीओपी ने बताया कि शव का बिसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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