मध्य प्रदेश के छतरपुर में मोहम्मद पैगंबर साहब पर टिप्पणी को लेकर ज्ञापन देने पहुंची भीड़ ने बुधवार को हिंसा कर दी थी। थाने पर पथराव में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले को पुलिस-प्रशासन ने सख्ती से लिया और बुलडोजर की कार्रवाई की। हिंसा के आरोपी पूर्व सदर शहजाद हाजी के आलीशान बंगले पर बुलडोजर चला है। आरोप है कि थाने पर पथराव कर रही भीड़ का नेतृत्व पूर्व सदर ही कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में 46 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट की है। साथ ही 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है।
कोतवाली थाने में बुधवार को ज्ञापन देने पहुंची भीड़ ने थाने पर पथराव कर दिया था। इस मामले में टीआई के साथ ही एडिशनल एसपी और एसपी पर भी पत्थर चले थे। थाने में रखे पुलिस वाहन और जब्ती वाहनों को भी क्षति पहुंची थी। घटना के समय छतरपुर एडीएम, एसडीएम और सीएसपी भी थाने में मौजूद थे। घटना के बाद शहर में प्रशासन अलर्ट मोड पर था। देर रात को पुलिस प्रशासन ने निकाला फ्लैग मार्च निकाला था। डीआईजी, कलेक्टर और एसपी भी सड़कों पर उतरे थे।
कोतवाली थाने में पथराव के मामले में आरोपी शहजाद हाजी, पूर्व सदर अंजुमन इस्लामिया कमेटी, के नए मोहल्ला स्थित मकान पर गुरुवार को बुलडोजर चला और अवैध हिस्से को गिराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। छतरपुर के एसपी अगम जैन ने कहा कि इस पूरी घटना का नेतृत्व करने वाले चार आरोपियों की संपत्ति पर कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार सुबह से हाजी शहजाद अली के भवन के अवैध हिस्से को ढहाया गया। अभी तीन और आरोपियों की संपत्ति पर कार्रवाई होगी। अन्य नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।