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छतरपुर: निरक्षरों की मूल्यांकन परीक्षा संपन्न, नुक्कड़ नाटक से दी गई शुद्ध जल उपयोग की जानकारी

Sun, 27 Mar 2022 02:36 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर जिले में पढ़ना-लिखना अभियान के तहत 15 वर्ष आयु से अधिक आयु के निरक्षरों को तीन महीने का बुनियादी साक्षरता प्रशिक्षण देने के उपरांत शनिवार को मूल्यांकन परीक्षा ली गई, जिसमें 40 हजार निरक्षरों ने मूल्यांकन परीक्षा दी। मूल्यांकन परीक्षा की विशेष बात यह रही है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक रही।
 
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बुनियादी साक्षरता प्रशिक्षण देने के उपरांत शनिवार को मूल्यांकन परीक्षा ली गई। - फोटो : अमर उजाला
छतरपुर जिले में पढ़ना-लिखना अभियान के तहत 15 वर्ष आयु से अधिक आयु के निरक्षरों को तीन महीने का बुनियादी साक्षरता प्रशिक्षण देने के उपरांत शनिवार को मूल्यांकन परीक्षा ली गई, जिसमें 40 हजार निरक्षरों ने मूल्यांकन परीक्षा दी। मूल्यांकन परीक्षा की विशेष बात यह रही है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक रही।
 
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जल की उपयोगिता समझाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ। - फोटो : अमर उजाला
जल के समुचित उपयोग हेतु लोगों को किया जागरूक
अर्बन डेवलपमेंट मध्य प्रदेश के तत्वाधान में खजुराहो में नल-जल परियोजना की जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को शुद्ध जल की उपयोगिता समझाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ। लोगों को शुद्ध जल का महत्व तथा बोरिंग के पानी या अन्य स्थानों से पेयजल उपयोग हेतु लाने वाले जल के विषय में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। प्रत्येक घर में नल कनेक्शन लेने अतिरिक्त जल संजय की प्रवृत्ति छोड़ने एवं जल के समुचित उपयोग हेतु लोगों को जागरूक किया गया।
 
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जिला जेल छतरपुर में स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक साक्षरता एवं जागृति शिविर हुआ। - फोटो : अमर उजाला
जिला जेल में लगा स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक शिविर
 जिला जेल छतरपुर में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष विधिक सेवा हृदेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में शनिवार को स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक साक्षरता एवं जागृति शिविर हुआ। जेल में बंद कैदियों को चिकित्सकों से स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा का कानूनी अधिकार है। इस शिविर में अस्थि रोग, स्त्रीरोग, नेत्र रोग, दंत रोग तथा मानसिक रोग से पीड़ित 114 पुरुष एवं 18 महिला कैदियों का परीक्षण किया गया। 15 कैदियों को जिला चिकित्सालय में उपचार कराने की सलाह दी गई। शिविर में सचिव विधिक सेवा, सीजीएम सहित चिकित्सगण भी उपस्थित थे।
 
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हाथी पांव रोग से पीड़ित 50 मरीजों को विकृति वाले पैरों को सुरक्षित रखने का प्रशिक्षण दिया गया। - फोटो : अमर उजाला
हाथी पांव से पीड़ित मरीजों को दिया गया प्रशिक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जीएल अहिरवार एवं उनके दल ने लवकुशनगर में मोरबिडिटी मैनेजमेंट शिविर के जरिए हाथी पांव रोग से पीड़ित 50 मरीजों को विकृति वाले पैरों को सुरक्षित रखने का प्रशिक्षण दिया। साथ ही उपचार एवं सफाई से जुड़ी सामग्री की किट दी गई।
 
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