मध्य प्रदेश के खुले जंगल में चीते
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में अभी 27 चीते
मध्य प्रदेश में वर्तमान में 27 चीते हैं – कूनो में 25 और गांधीसागर में 2 नर चीते। पहले से लाए गए 20 चीते में से 9 की मृत्यु हो चुकी है, जिनमें साशा, उदय, दक्षा, तेजस, सूरज, धात्री, शौर्य और पवन शामिल हैं। हालांकि अब तक 26 शावकों का जन्म हो चुका है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कूनो और गांधीसागर दोनों अभयारण्यों में चीते सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में प्रजनन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चीता परियोजना ने प्रदेश को एशिया का गौरव दिलाया है। यह सिर्फ प्रजाति की वापसी नहीं, बल्कि वैश्विक प्रकृति संरक्षण में भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ये भी पढ़ें-
MP News: MP में 18 IAS के ट्रांसफर, विशेष गढ़पाले ऊर्जा विभाग में सचिव, वंदना वैद्य वित्त निगम में एमडी बनीं
तीन साल की साहसिक पहल
'प्रोजेक्ट चीता' की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर की गई। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए। शुरुआती दौर में विशेषज्ञों ने इस पर संदेह जताया कि भारतीय वातावरण चीतों के लिए उपयुक्त नहीं होगा, लेकिन तीन वर्षों में चीते भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र में पूरी तरह समायोजित हो गए हैं। वन विभाग ने बताया कि कूनो और गांधीसागर दोनों अभयारण्यों में निगरानी और प्रबंधन और मजबूत किए गए हैं। विशेष ध्यान प्राकृतिक संतुलन, स्वास्थ्य, प्रजनन और शिकारी प्रजातियों पर दिया जा रहा है।
ये भी पढ़ें-
जन्मदिवस विशेष पीएम मोदी: जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा, उसने ही समय को मोड़ा
परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां
- पांच मादा चीतों ने पिछले तीन वर्षों में छह बार शावकों को जन्म दिया।
- कूनो के घास के मैदानों और खुले जंगलों में जैव विविधता में वृद्धि हुई।
- स्थानीय समुदाय पर्यटन और संरक्षण से लाभान्वित हो रहे हैं।
- परियोजना को हाल ही में 'इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
ये भी पढ़ें-
MP News: पीएम मोदी मध्यप्रदेश में मनाएंगे 75वां जन्मदिन, देश के पहले पीएम मित्रा पार्क समेत कई सौगातें देंगे
चीता प्रोजेक्ट के मुख्य तथ्य-
नामीबिया से आए चीते: 8
दक्षिण अफ्रीका से आए चीते: 12
कुल पुनर्वास: 20
मृत चीते: 9
शावकों का जन्म: 26
मृत शावक: 10
वर्तमान संख्या: 27 (कूनो-25, गांधीसागर-2)