मध्य प्रदेश के पूर्व वन मंत्री विजय शाह ने जंगल में प्रतिबंध के बावजूद चूल्हा जला चिकन-बाटी पार्टी की। वह अनाधिकृत रूप से निजी वाहन भी ले गए। हद तो यह है कि वन विभाग के कर्मी उनकी सेवा में नियम और कानून की धज्जियां उड़ाते रहे। इस मामले में वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने शिकायत की है।
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पूर्व वन मंत्री विजय शाह अपने दोस्तों के साथ टाइगर रिजर्व में
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के पूर्व वन मंत्री और विधायक विजय शाह के लिए वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। यह सब वन विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर वन कर्मियों की मौजूदगी में हुआ। इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वन कर्मी विजय शाह और उनके दोस्तों के लिए सिद्ध बाबा पहाड़ी प्रतिबंधित जगह पर चूल्हे पर चिकन, भरता और बाटी बनाते दिख रहे है। यह पूरा मामला पिछले सप्ताह का बताया जा रहा है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणी अधिनियम के तहत किसी भी तरह की आग जलाना प्रतिबंधित है। यहीं नहीं वह अपने दो निजी वाहन और सरकारी गाड़ी भी टाइगर रिजर्व के अंदर ले गए। जानकारों का कहना है कि अधिनियम के उल्लंघन पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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प्रतिबंधित टाइगर रिजर्व में आग पर खाना पकाते
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो में विजय शाह बोलते है- सही पिकनिक तो आज है
टाइगर रिजर्व में सिद्ध बाबा पहाड़ी के पास निजी वाहन वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। इसमें दो से तीन लोग पत्थर के चूल्हे पर खाना बनाते दिख रहे है। इसमें पूर्व मंत्री विजय शाह की आवाज आ रही है। जिसमें वह पूछ रहे है कि क्या क्या बना है। इसमें खाना बनाने वाले जवाब देता है कि यह चिकन है। भरता है। इसके बाद वीडियो में शाह कहते है कि सही पिकनिक तो आज है।
पूर्व मंत्री विजय शाह की सेवा में वन कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
फील्ड डॉयरेक्टर पर कार्रवाई की मांग
वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मध्य प्रदेश के पीसीसीएफ और नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी दिल्ली को पूरे मामले की शिकायत की है। दुबे ने कहा कि टाइगर रिजर्व में माचिस तक ले जाना प्रतिबंधित है। वहां, जिन पर कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी है, वह लोग भी आग जलाकर पार्टी कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व में चूल्हा जलाना और निजी वाहनों को अनाधिकृत रूप से प्रवेश कराया गया। इस मामले में फील्ड डायरेक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों के नंबर बंद
इस मामले में पक्ष जानने के लिए पूर्व वन मंत्री विजय शाह से उनके मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं, प्रधानमुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) असीम श्रीवास्तव और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डॉयरेक्टर से भी संपर्क किया, लेकिन उनके मोबाइल बंद मिले।