तिवारी ने बताया कि सौम्या को बचपन से ही क्रिकेट पसंद है। उसकी क्रिकेट में दिलचस्पी को देखकर उसकी क्रिकेट अकादमी ज्वाइंन कराने ले गए। तब एकेडमी में लड़कियों की कोचिंग नहीं होती थी। इस वजह से कोच ने उसको कोचिंग देने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि बाद में सौम्या के क्रिकेट के जुनून को देखकर उनको राजी किया।
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सौम्या तिवारी बड़ी बहन और अपने माता-पिता के साथ
- फोटो : अमर उजाला
वर्ल्ड कप अंडर-19 वूमन टी-20 में भारत ने इंग्लैंड को हराकर विश्व कप जीत लिया है। भारतीय टीम की सदस्य सौम्या ने मैच में विनिंग शॉट लगाया। भोपाल के गौतम नगर निवासी सौम्या 11 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रही हैं। सौम्या को लड़की होने की वजह से कोच ने कोचिंग देने से मना कर दिया था। उसने मोगरी से घर पर प्रैक्टिस की। 17 साल की लड़की ने वर्ल्ड कप में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये।
सौम्या के पिता मनीष तिवारी ने अमर उजाला को बातचीत में बताया कि वह बचपन से ही क्रिकेटर बनना चाहती थी। उन्होंने बताया कि बचपन में कजन भाई क्रिकेट खेलते थे, उनके साथ वह भी किक्रेट खेलने पहुंच गई। उसके भाईयों ने कहा कि तेरे हाईट जितनी है, उससे बड़े हमारे बैट है। तू कैसे खेलेगी। यह सुन सौम्या घर के अंदर से मोगरी उठा लाई और बोली की यह मेरा बैट हैं। मैं इससे खेलूंगी।
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सौम्या तिवारी अपने परिवार के साथ
- फोटो : अमर उजाला
मां से बोली- सिर्फ जितने का प्लान था
वर्ल्ड कप जीतने के बाद सौम्या ने घर पर परिवार से बात की। उसने मां भारती को कहा कि हमारा प्लान सिर्फ मैच जीतने का था।पूरी रणनीति बनाकर ग्राउंड पर उतरे और हम वर्ल्ड कप जीत गए। सौम्या ने बताया कि उनकी टीम ने इंग्लैंड की टीम के वीडियो देखकर उनकी कमजोरी को जाना। इसके बाद जीतने के उत्साह के साथ खेले।
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सौम्या के पिता मनीष तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
बचपन से ही लड़कों जैसा रहना पसंद
तिवारी ने बताया कि सौम्या को बचपन से ही क्रिकेट पसंद है। उसकी क्रिकेट में दिलचस्पी को देखकर उसकी क्रिकेट अकादमी ज्वाइंन कराने ले गए। तब एकेडमी में लड़कियों की कोचिंग नहीं होती थी। इस वजह से कोच ने उसको कोचिंग देने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि बाद में सौम्या के क्रिकेट के जुनून को देखकर उनको राजी किया। सौम्या ने सुरेश चैनानी से कोचिंग ली हैं। उसे लड़कों जैसा लुक रखना पसंद है। उसे क्रिकेटर विराट कोहली पसंद हैं।
मां सौम्या का लाइव मैच नहीं देखती
मां भारती सौम्या का मैच लाइव नहीं देखती है। भारती ने बताया कि एक बार उसे क्रिकेट खेलते हुए मायूस देख लिया था। वह उसे आउट होते हुए नहीं देख सकती। इसलिए वर्ल्ड कप फाइनल मैच के दिन मां भारती पूजा कर रही थी। जब उनको बताया कि सौम्या ने ही विनिंग शॉट लगाया है तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि यह उनके लिए गर्व की बात हैं। उन्होंने बताया कि बेटी के वेलकम के लिए सरप्राइज इवेंट रखा हैं।
दो बहनों में छोटी हैं सौम्या
मनीष तिवारी भोपाल के कलेक्ट्रेट ऑफिस में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी भारती तिवारी हाउस वाइफ है। सौम्या की बड़ी बहन साक्षी है। वह बैंक में काम करती हैं। क्रिकेट खेलने के साथ-साथ सौम्या पढ़ाई भी कर रही हैं। वह अभी 12वीं कक्षा में है। तिवारी ने बताया कि उन्होंने बेटी ही मांगी थी। अभी तक लोग उसे मेरी बेटी के रूप में जानते थे, अब मुझे उसके पिता के रूप में लोग पहचान रहे हैं।