फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: पहली बार दिखे सीएम और सीएस में मतभेद, जानिये अंतिम क्षणों में क्यों बदला भोपाल कलेक्टर पर फैसला

Thu, 06 Apr 2023 02:42 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

2010 बैच के आईएएस अधिकारी आशीष सिंह ने भोपाल कलेक्टर के तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। वे इसके तत्काल बाद लाडली बहना आवेदन के ई-केवायसी केंद्र का निरीक्षण करने हमीदिया अस्पताल के पास रॉयल मार्केट पहुंचे।
विज्ञापन
1 of 4
भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह - फोटो : अमर उजाला
भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उन्हें पूर्व कलेक्टर अविनाश लवानिया ने चार्ज दिया। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी आशीष सिंह ज्वाइन करने के तुरंत बाद लाड़ली बहना योजना के आवेदन भर रहे ई-केवाईसी केंद्र का निरीक्षण करने हमीदिया अस्पताल के पास रॉयल मार्केट पहुंचे। 

हालांकि, जिस तरह ऐन वक्त पर भोपाल कलेक्टर का नाम बदला गया, उसने प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं को गरमा दिया है। सरकार ने तीन अप्रैल को 2010 बैच के ही एक अन्य आईएएस अफसर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को भोपाल का कलेक्टर बनाया था। मूलतः हरदोई के रहने वाले कौशलेंद्र इससे पहले विदिशा, ग्वालियर और नीमच के कलेक्टर भी रहे हैं। इसके बाद पांच अप्रैल को देर शाम अचानक फैसला बदला गया। कौशलेंद्र विक्रम सिंह की जगह आशीष सिंह को भोपाल का कलेक्टर नियुक्त किया गया। पहला ट्रांसफर आदेश सीएस इकबाल सिंह बैंस ने जारी किया था। वहीं, दूसरा आदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दखल से आया। पहली बार प्रदेश के मुखिया और प्रशासनिक मुखिया में मतभेद भी सामने आया। पहला ही मौका है जब मुख्यमंत्री ने सीएस का आदेश बदला है। 

विज्ञापन

2 of 4
कलेक्टर आशीष सिंह ने पदभार ग्रहण किया - फोटो : अमर उजाला
कौशलेंद्र विक्रम सिंह के जिम्मे रहेगा ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की प्रतिमा बनाना
एकाएक हुए बदलावों के पीछे कई सारी बातें आ रही हैं। एक थ्योरी कहती है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ आरएसएस के करीबी अधिकारी चाहते थे कि कौशलेंद्र विकास सिंह को पर्यटन विकास निगम का एमडी बनाया जाए। इससे ओंकारेश्वर में बन रही शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने के काम में तेजी लाई जा सकेगी। यह भी बताया जा रहा है कि भोपाल के पूर्व कलेक्टर अविनाश लवानिया जल निगम का एमडी नहीं बनना चाहते थे। उन्हें एमपीआरडीसी का एमडी बनना था। इन दोनों ही बातों को ध्यान में रखकर चार अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किया गया।  

विज्ञापन

3 of 4
अविनाश लवानिया और आशीष सिंह - फोटो : अमर उजाला
आशीष सिंह बैठ चुके हैं हॉट सीट पर
आशीष सिंह इंदौर नगर निगम के आयुक्त भी रहे हैं। उस समय उन्होंने छह माह में 13 लाख टन कचरा साफ करवाया था। उनके कार्यकाल में ही इंदौर ने देश के सबसे स्वच्छ शहर के तौर पर हैटट्रिक लगाई थी। इन कामों को लेकर वे कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर बैठ चुके हैं। उन्हें कर्मवीर एपिसोड में विशेष प्रतिभागी के तौर पर शामिल किया गया था।


विज्ञापन

4 of 4
भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में किया अच्छा काम
उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले आशीष सिंह ने उज्जैन कलेक्टर रहते हुए कोविड काल में बेहतर काम किया। उनके ही कार्यकाल में श्री महाकाल महालोक परिसर को री-डिजाइन किया गया। फिर इस पर काम हुआ। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी तारीफ भी की थी। ऐसे में उन्हें भोपाल कलेक्टर बनाकर पुरस्कृत किया गया है।
 
देवास में भी रहे हैं कलेक्टर 

आशीष सिंह की पहली पोस्टिंग कटनी अपर कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद इंदौर में जिला पंचायत सीईओ, उज्जैन नगर निगम आयुक्त, देवास कलेक्टर, इंदौर नगर निगम आयुक्त, उज्जैन कलेक्टर के पद पर रह चुके हैं।

लवानिया ने एमपीआरडीसी के एमडी का चार्ज लिया
भोपाल के पूर्व कलेक्टर अविनाश लवानिया ने आशीष सिंह को चार्ज देने के बाद अरेरा हिल्स स्थित एमपीआरडीसी के कार्यालय में एमडी का कार्यभार संभाला। बुधवार को राज्य सरकार ने चार आईएएस अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए थे। तीन अप्रैल के आदेश में लवानिया को जल निगम का एमडी बनाया गया था। इससे वह खुश नहीं थे। इस वजह से उन्हें एमपीआरडीसी में एमडी बनाया गया है। दोनों ही निगमों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं हैं। यानी अब लवानिया सीधे मुख्यमंत्री के साथ काम करते दिखेंगे।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें