मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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किसानों को सरकार उद्योगपति भी बनाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है और मां नर्मदा के आशीर्वाद से मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र हरित क्रांति की ओर बढ़े हैं। केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध और ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजनाओं से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। इससे बुंदेलखंड, चंबल और निमाड़ के किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य जहां खेती का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर बढ़ा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वे उद्योगपति भी बनें। सरकार डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन और एमएसएमई सेक्टर में किसानों को सब्सिडी देकर भागीदार बनाएगी। 25 गायों पर आधारित डेयरी योजना में सहायता से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।
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