अर्चना तिवारी ट्रेन से हुई थी लापता।
- फोटो : अमर उजाला
क्या है पूरा मामला?
ज्ञात हो कि कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर के सत्कार छात्रावास में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। रक्षाबंधन पर वह अपने घर जाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच की बी-3 सीट पर बैठकर यात्रा कर रही थी। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास तक वह अपनी सीट पर देखी गई, इसके बाद वह वहां नहीं मिली और उसका फोन भी बंद हो गया। सहयात्रियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि युवती वॉशरूम जाने की कहकर सीट से उठी थी। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि वह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर उतरी थी, लेकिन वापस ट्रेन में सवार हुई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका। आठ अगस्त की सुबह ट्रेन के कटनी पहुंचने पर जब अर्चना तिवारी नहीं उतरी, तो उसके परिजनों ने उमरिया में रहने वाले उसके मामा को सूचना दी। उसके मामा ट्रेन के अंदर पहुंचे तो अर्चना का पर्स मिला, जिसमें बच्चों के लिए खिलौने, कुछ सामान और राखी रखी हुई थी। एक बैग में उसके कपड़े भी सुरक्षित रखे हुए थे, लेकिन अर्चना अपनी सीट पर नहीं थी। यात्रियों ने मामा को बताया कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद से ही अर्चना अपनी सीट पर नहीं दिखी थी।
ये भी पढ़ें:
अर्चना को किसी से प्यार; घरवाले बना रहे थे शादी का दबाव, पुलिस से छिपाया ये सच; खुले बड़े राज