अमले ने पहले दिन 30 मकान दूसरे दिन 109 तीसरे दिन 129 और आखिरी दिन 118 मकान जमींदोज किए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आखिरी दिन भी जब कार्रवाई की जा रही थी तो भदभदा से नेहरू नगर जानेवाली रोड पर आवाजाही बंद रही।
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भदभदा बस्ती अब मलबे का मैदान बन गया।
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम द्वारा बीते तीन दिन से भदभदा बस्ती में की जा रही कार्रवाई शनिवार को पूरी हो गई। इस तरह निगम ने तीन दिन में इस बस्ती को जमींदोज कर दिया। निगम ने इस बस्ती में बने सभी 386 मकानों को जमींदोज कर यहां समतल मैदान कर दिया है। इसके लिए निगम ने पूरा अमला तीन दिन से यहां लगाकर रखा था।
शनिवार को अमले ने बचे हुए 118 मकान जमींदोज कर दिए। इसके लिए यहां रहवासियों की सहमति के बाद इन मकानों को तोड़ा गया है। इससे पहले अमले ने पहले दिन 30 मकान दूसरे दिन 109 तीसरे दिन 129 और आखिरी दिन 118 मकान जमींदोज किए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आखिरी दिन भी जब कार्रवाई की जा रही थी तो भदभदा से नेहरू नगर जानेवाली रोड पर आवाजाही बंद रही। निगम के आला अधिकारियों के अलावा भवन अनुज्ञा शाखा और झील संरक्षण का अमला मौके पर मौजूद रहा। इस बीच राजस्व वसूली को देखते हुए आखिरी दिन जोनल अधिकारियों को मौके पर नहीं बुलाया गया, लेकिन संबंधित जोन के अलावा आसपास के छह जोन के एएचओ मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय कर्मशाल, अतिक्रमण विरोधी अमला सहित अन्य लोगों ने मैन्यूअल और मशीनों के जरिए इस बस्ती को जमींदोज किया।
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भदभदा बस्ती के मलबे के बीच रहवासी
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि बुधवार से एनजीटी के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई थी। इससे पहले मंगलवार को समझाइश देने पहुंचे आयुक्त फ्रैंक नोबल ए को रहवासियों ने घेर लिया था, लेकिन बाद में स्थिति को समझते हुए मौके पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एक हजार पुलिस जवानों की मौजूदगी में रहवासियों को हटाने की कार्रवाई पूरी की गई। बताया जा रहा है कि जो जगह खाली हुई है वहां दोबारा अतिक्रमण न हो इसको देखते हुए निगम यहां तार फैंसिंग करेगा। कार्रवाई के दौरान आयुक्त फ्रैंक नोबल ए एवं जिला तथा पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उप पुलिस आयुक्त रामजी श्रीवास्तव, निगम के अपर आयुक्तद्वय विनीत तिवारी व पवन सिंह, एसडीएम, तहसीलदार, उपायुक्त योगेन्द्र सिंह पटेल, अधीक्षण यंत्रीद्वय संतोष गुप्ता, उदित गर्ग सहित जिला, पुलिस एवं नगर निगम प्रशासन के अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
विस्थापित किए गए लोगों को पीएम आवास के तहत मिलें मकान - जीतू पटवारी
शनिवार को दोपहर बाद प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी भदभदा बस्ती पहुंचे और विस्थापित किए गए रहवासियों से मुलाकात की। विस्थापित किए गए लोगों को चांदपुर बैरसिया में जमीन, एक-एक लाख रुपए का मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास में किसी एक की सुविधा का प्रस्ताव दिया गया है। अधिकांश लोग मुआवजा लेकर शिफ्ट हो गए हैं। कुछ ने अभी तक मुआवजा नहीं लिया है। वहीं रहवासियों ने मिलने पहुंचे जीतू पटवारी ने कहा कि यहां से हटाए गए सभी गरीबों को कम से कम प्रधानमंत्री आवास के तहत एक-एक मकान दिए जाने चाहिए। मैं मुख्यमंत्री को पीएम आवास के तहत मकान दिलाने के लिए चिट्ठी लिखूंगा। यहां एक होटल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों की परिधि में आता है उस पर तो कोई कार्रवाई नहीं हो रही, लेकिन गरीबों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं। वहीं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर फिर से बस्ती बसाएंगे।
मुहिम के आखिरी दिन 118 मकान जमींदोज किए
- फोटो : अमर उजाला
विरोध के बाद माने रहवासी
इस कार्रवाई के पहले निगम और जिला प्रशासन ने रहवासियों को समझाइश के साथ-साथ विकल्प भी दिए। इस दौरान रहवासियों के तेवर तीखे रहे। इसको देखते हुए बुधवार को जब कार्रवाई की गई तो मौके पर एक हजार से ज्यादा पुलिस बल मौजूद रहा तो वहीं भदभदा से नेहरू नगर की ओर जानेवाली सड़क पर आवाजाही बंद की गई। कार्रवाई के दौरान आमजन उग्र न हो इसको देखते हुए मीडिया को करवेज के लिए मौके पर जाने से रोका गया। हालांकि बाद में जब लोगों सुर नरम पड़े तो मीडिया को इजाजत दी गई। तब तक लोगों का गुस्सा भी शांत हो गया था और कार्रवाई के दौरान किसी ने विरोध करने की बजाए सहयोग किया। अधिकांश लोगों ने एक-एक लाख की राशि ली जबकि जिन लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान लिए उन्हें बीस हजार की राशि दी गई वहीं जिन लोगों ने चांदपुर में रहना उचित समझा उन्हेें वहां पर पट्टे दिए गए हैं।