2001 में आईआरटीएस पास कर रेलवे अधिकारी बनें। इसके बाद रेलवे की नौकरी करते हुए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और एक साल बाद ही 2002-03 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।
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हरिनारायण चारी मिश्र ने भोपाल पुलिस कमिश्नर का चार्ज लिया
- फोटो : अमर उजाला
भोपाल के नए पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बुधवार को पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि पुलिस आम जनता के प्रति संवेदनशील नजर आएगी। संवेदनशीलता से काम करेगी। उन्होंने कहा कि गुंडे-बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हरिनारायणचारी मिश्र इंदौर कमिश्नर थे। इससे पहले वह ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट, खंडवा में पुलिस अधीक्षक रह चुके है। मिश्र इंदौर एसएमपी, महू एसडीओपी और राज्यपाल के एडीसी भी रह चुके है। गृह विभाग ने उनको इंदौर कमिश्नर से भोपाल पुलिस कमिश्नर पदस्थ करने के आदेश जारी किए। वहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर को इंदौर पुलिस कमिश्नर पदस्थ किया गया।
मिश्र ने पदभार संभालने बाद ही अधिकारियों के साथ भोपाल की कानून व्यवस्था की जानकारी को लेकर बैठक की। बता दें इंदौर में मिश्र ने भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। अवैध कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ प्रहार अभियान चलाया। जिसको प्रदेश भर के आधिकारियों ने अपनाया।
हरिनारायण चारी मिश्र ने भोपाल पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला
- फोटो : अमर उजाला
बिहार सीवान के रघुनाथपुर के हरिनारायण चारी के माता-पिता शिक्षक सरकारी शिक्षक थे। पांच बहनों और दो भाई में हरिनारायण चारी मिश्र का जन्म 3 दिसंबर 1975 को हुआ था। वह स्व. माधवाचारी मिश्र के बच्चों में हरिनारायण दूसरे नंबर पर है। उनके भाई और बहन स्कूल शिक्षक और कॉलेज में प्रोफेसर है। कॉलेज करने के साथ ही हरिनारायण चारी मिश्र ने 1998 में पीसीएस की परीक्षा पास की और उत्तर प्रदेश में ट्रेजरी अधिकारी बन गए। इसके साथ ही वह सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करते रहे।
2001 में आईआरटीएस पास कर रेलवे अधिकारी बनें। इसके बाद रेलवे की नौकरी करते हुए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और एक साल बाद ही 2002-03 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। जिसमें उनको मध्य प्रदेश राज्य कैडर मिला। मिश्र को राष्ट्रपति पुलिस पदक, दुर्गम सेवा पदक 2010, आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक 2010, इंदारा गांधी सांप्रदायिक सौहार्द पुरस्कार 2011 मिल चुके हैं।