भदभदा बस्ती में चिन्हित कुल 386 मकानों में से अब तक 139 मकानों को तोड़ा जा चुका है। गुरुवार को निगम अमले ने तय 100 मकान तोड़ने के टारगेट से आगे बढ़ते हुए 109 मकानों को जमींदोज कर दिया। अब दो दिन में 247 कच्चे-पक्के मकानों तोड़ा जाएगा।
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भोपाल के भदभदा बस्ती में चला प्रशासन का बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
ताज होटल के सामने भदभदा बस्ती में दूसरे दिन भी नगर निगम का बुल्डोजर चला। जहां कभी मकान हुआ करते थे वहां अब मैदान और उसमें मलबे का ढेर नजर आ रहा है। गुरुवार को निगम अमले ने तय 100 मकान तोड़ने के टारगेट से आगे बढ़ते हुए 109 मकानों को जमींदोज कर दिया। घरों को तोड़ने से पहले यहां रहने वाले परिवारों को निगम अमले ने उनकी बताई जगहों पर शिफ्ट किया। भदभदा बस्ती में चिन्हित कुल 386 मकानों में से अब तक 139 मकानों को तोड़ा जा चुका है और अब दो दिन में 247 कच्चे-पक्के मकानों तोड़ा जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को भी कार्रवाई होगी। इससे पहले दोनों दिन निगम और जिला प्रशासन के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
आंखों के सामने मलबे में बदल गया आशियाना
भदभदा बस्ती में नगर निगम का दो दिन से बुल्डोजर चल रहा है। अपनी सालों की मेहनत से सिर छिपाने को बनाए कच्चे-पक्के मकानों को लोग अपनी आंखों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए बेबसी से देख रहे हैं। कुछ की आंखों में आंसू सूख चुके हैं तो कुछ के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। बड़ी झील किनारे जहां कभी लोगों के आशियाने हुए करते थे वहां अब मलबे का ढेर है और उसके सामने गृहस्थी का सामान कबाड़ की तरह पड़ा हुआ है।
नहीं थम रहे आंसू, खाने-पानी को मोहताज हुए मासूम
भदभदा बस्ती को जहां छावनी में तब्दील कर दिया है, वहीं बस्ती से एक किमी दायरा सील कर दिया है। यहां प्रशासन, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों-कर्मचारियों के सिवा किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं। ऐसे में विस्थापन की मार झेल रहे भदभदा बस्ती में रहने वाले दुनिया से कट से गए हैं। हालात ये हैं कि नाते-रिश्तेदार खाना-पानी के साथ भी बच्चों के लिए दूध और अन्य सामान लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें बस्ती में दाखिल नहीं होने दे रही। इधर, बस्ती में प्रशासन का फोकस सिर्फ बस्ती को जल्द से जल्द समतल मैदान में बदलने का है। यहां लोगों के खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं। बच्चे भूख से बिलख रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को कुछ नजर नहीं आ रहा। रहवासियों ने बताया कि क्या करें, बच्चों के लिए खाना बनाए या प्रशासन ने जिस घर-गृहस्थी को बिखेरा है उसे समेटें। रहवासियों के चेहरे पर विस्थापन का दर्द साफ छलक रहा है। घर छोड़ने वाले परिवारों के आंसू नहीं थम रहे हैं। बीते दो दिनों से लोगों के घरों में खाना भी नहीं बन पाया। बड़ो के साथ मासूम बच्चे भोजन और पानी के लिए मोहताज हो रहे हैं।
खाना लेकर पहुंचे रिश्तेदार, बस्ती में जाने से रोका
बस्ती में किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। सिर्फ सरकारी वाहन ही अंदर जा रहे हैं। जबकि सामान से भरे नगर निगम के डम्परों को जरूर बाहर आते देखा जा सकता है। अस्थाई पुलिस चौकी पर कुछ महिलाएं अंदर जाने के लिए गिड़गिड़ा रही हैं। उनके हाथों में खाना और पानी की बोतले हैं। लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। खाना-पानी लेकर पहुंचीं महिलाओं का कहना है कि उनके परिजन और छोटे-छोटे बच्चे दो दिनों से भूखे हैं।
कार्रवाई के लिए बस्ती को पांच जोन में बांटा
प्रशासन ने भदभदा बस्ती के 386 निमार्णों को चिंहित किया है। मकान तोड़ने के लिए बस्ती को पांच जोन में बांटा गया है। गलियों और मकानों की संख्या के आधार पर यह जोन बनाए गए हैं। जैसे-जैसे मकान खाली होते जा रहे हैं, निगम की टीमें मकानों को ढहाती जा रही हैं। जिसमें से दो दिन में जोन एक व दो के 134 मकान पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं।
मुर्गी के पिंजरे में बच्चों को किया बंद
भदभदा बस्ती में बीते दो दिनों से मातमी हालात हैं। लोगों को अपने मकानों को छोड़ना पड़ रहा है। अपने सामने मकानों को टूटते देख रहे हैं। इन्हीं नजारों के बीच एक नजारा ऐसा भी था जब एक मां को अपने बच्चों को मुर्गी के पिंजरे में बंद करना पड़ा। क्योंकि बस्ती में मकानों पर चल रहे बुल्डोजर से मची अफरातफरी के बीच वह अपने बच्चों को सुरक्षित रखना चाहती थी। कभी इन पिंजरो में मुर्गिंयां बंद हुआ करती थीं। इधर, पिंजरे में बंद बच्चे मुस्करा रहे थे, क्योंकि उनके लिए यह खेल का हिस्सा था।
भदभदा बस्ती का लिया पुलिस कमिश्नर ने जायजा
भदभदा बस्ती में हो रही कार्रवाई का जायजा लेने गुरुवार को पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह साथ पहुंचे। इस दौरान निगम आयुक्त फ्रैंक नोबल ए सहित एडीएम रहेंद्र नारायण, रामजी श्रीवास्तव, अपर आयुक्त विनीत तिवारी, पवन सिंह, एसडीएम, तहसीलदार, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल, अधीक्षण यंत्र संतोष गुप्ता और उदित गर्ग सहित जिला, पुलिस एवं निगम के अधिकारी मौजूद थे।