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Archana Tiwari: अर्चना मिली, पर सवालों के जवाब बाकी, 13 दिन क्या-क्या हुआ, कैसे उस तक पहुंची GRP? जानें सब कुछ

Wed, 20 Aug 2025 11:00 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Archana Tiwari Case: इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर कटनी की अर्चना तिवारी नेपाल बॉर्डर पर मिल गई है। 13 दिन बाद जीआरपी की टीम उसे लेकर भोपाल पहुंच गई है। अब अर्चना को जीआरपी के कड़े सवालों के जवाब देने होंगे। जिससे इस पूरे मामले का खुलासा होगा।
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अर्चना ही खोलेगी खुद के लापता होने का राज। - फोटो : अमर उजाला
Archana Tiwari Case: नर्मदा एक्सप्रेस से लापता हुई 28 साल की अर्चना तिवारी को रानी कमलापति थाना की जीआरपी टीम ने बरामद कर लिया है। सात अगस्त से लापता अर्चना 13 दिन बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपर खीरी जिले के पालियाकलां स्थित नेपाल बार्डर के पास मिली है। जीआरपी की टीम उसे लेकर भोपाल आ गई है। अब उससे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके इस पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। अचानक से लापता हुई अर्चना की तलाश मध्य प्रदेश ही नहीं देश भर की जा रही थी। आइए, जानते हैं अब तक इस मामले में क्या- क्या हुआ, 13 दिन बाद कैसे जीआरपी को अर्चना का पता चला?  अर्चना से कौन से सवाल होंगे? 
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इंदौर के हॉस्टल से कटनी के लिए निकलने के दौरान का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : CCTV
सबसे पहले जानिए क्या है मामला?
28 साल की अर्चना तिवारी मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रहने वाली हैं। वह इंदौर के सत्कार छात्रावास में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। रक्षाबंधन पर वह अपने घर जाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच की बी-3 सीट पर बैठकर यात्रा कर रही थी। आठ अगस्त की सुबह ट्रेन कटनी पहुंची, लेकिन उसमें से अर्चना नहीं उतरी। इससे उसके परिजन चिंता में आ गए, उन्होंने तुरंत उमरिया में रहने वाले अर्चना के मामा को सूचना दी। ट्रेन के उमरिया पहुंचने पर उसके मामा एसी कोच की बी-3 सीट पर पहुंचे, जहां अर्चना का पर्स समेत उसका अन्य सामान रखा हुआ था। एक बैग में उसके कपड़े भी रखे थे, लेकिन अर्चना सीट पर नहीं थी। इस दौरान आसपास के यात्रियों ने उसके मामा को बताया कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद से ही युवती अपनी सीट पर नहीं दिखी।
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लगातार की जा रही थी तलाश। - फोटो : अमर उजाला
चाची से हुई थी आखिरी बार बात
अर्चना के अचानक लापता होने से उसके परिवार वाले हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल परिजनों जीआरपी के सूचना दी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि सफर के दौरान अर्चना की बात उसकी चाची से हुई थी, तब वह भोपाल में थी। इसके बाद से उसका नंबर बंद हो गया था। अगले दिन नौ अगस्त को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अन्य तरीके से भी जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन इटारसी में मिली। इसके बाद जीआरपी की टीम अर्चना को तलाशते हुए इटारसी पहुंची, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अगले दिन 13 अगस्त को नर्मदापुर रेलवे स्टेशन समेत नर्मदा नदी और आसपास से इलाके में अर्चना को तलाश किया गया। हालांकि, टीम फिर भी खाली हाथ रही।

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कटनी स्थित अर्चना तिवारी का घर। - फोटो : अमर उजाला
बीमार होकर घर लौटे भाई और बड़े पापा
15 अगस्त को जीआरपी की टीम ने भोपाल से लेकर से कटनी के बीच अर्चना की खोजबीन की। जांच में इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी जीआरपी को भी शामिल किया गया। भोपाल जीआरपी ने सभी थानों और एसपी को रेडियो मैसेज के जरिए अर्चना की जानकारी साझा की। लेकिन, तमाम कोशिशों के बाद भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अर्चना की तलाश में उसके तीन भाई और बड़े पापा बाबू प्रकाश तिवारी भी जुटे हुए थे। लेकिन, होने के कारण वे 17 अगस्त को वापस घर लौट आए।
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अर्चना और आरक्षक राम तोमर। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कांस्टेबल से जुड़े अर्चना के तार 
इधर, भोपाल जीआरपी की टीम ने अर्चना की तलाश जारी रखी। रेलवे ट्रैक और जंगल में भी उसे खोजा गया। इस बीच लापता अर्चना के तार ग्वालियर में जा जुड़े। मामले की जांच में जुटी टीम को पता चला कि अर्चना ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक राम तोमर के संपर्क में थी। 18 अगस्त को जीआरपी ने आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया। उससे अर्चना को लेकर पूछताछ की गई, साथ ही आरक्षक के फोन की जांच भी कराई गई। इस दौरान सामने आया कि आरक्षक ने अर्चना का इंदौर से ग्वालियर का बस का टिकट बुक कराया था। आरोपी आरक्षक ने पूछताछ में कहा कि वह कभी अर्चना से नहीं मिला। वह सिर्फ कॉल से ही उसके संपर्क में था, कभी-कभी उसकी बात होती थी। उसने अर्चना के लिए जो टिकट कराया था, उस पर अर्चना ने सफर नहीं किया था। वह अगले दिन इंदौर से ट्रेन के जरिए कटनी के लिए रवाना हुई थी।  

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अर्चना ने मां को किया था कॉल। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
भोपाल पहुंची अर्चना तिवारी
आरक्षक तोमर की गिरफ्तारी के बाद 19 अगस्त की सुबह अर्चना तिवारी ने अपनी मां को कॉल किया और खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी। उसने अपनी लोकेशन भी मां को बताई, जिसके बाद जीआरपी की टीम उसे लेने के लिए रवाना हुई। टीम में अर्चना को उत्तर प्रदेश के लखीमपर खीरी जिले के पालियाकलां स्थित नेपाल बार्डर के पास से बरामद किया। आज बुधवार 20 अगस्त की सुबह टीम अर्चना को लेकर भोपाल पहुंची। अर्चना के परिजन भी भोपाल पहुंच चुके हैं।

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अर्चना से की जाएगी पूछताछ। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अर्चना को देने होंगे इन 10 सवालों के जवाब? 
  1. क्या किसी साजिश का शिकार हुई 
  2. क्या कोई जबरन लेकर गया था
  3. ट्रेन से लापता होने का कारण क्या
  4. अपनी मर्जी से गई तो ऐसा क्यों किया
  5. सामान छोड़ने और फोन बंद रखने के पीछे क्या मंशा थी
  6. 13 दिन तक कहां-कहां रही, किसने मदद की 
  7. सही सलाम थी तो क्यों नहीं की परिवार से संपर्क की कोशिश 
  8. ग्वालियर पुलिस आरक्षक के साथ क्या संबंध है
  9. आरक्षक ने बस का टिकट क्यों कराया था
  10. ऐसा क्या हुआ जो अचानक मां को कॉल किया 
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