राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की 2,100 वर्ग मील दूरी तय करके राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य यहां विराम पाता है। इससे यहां चांदी की तरह चमकते विशाल रेतीले मैदान दिखते हैं। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में तमाम जलचरों और नभचरों का ठिकाना होने से रेत खनन पर प्रतिबंध है। उत्तर प्रदेश के जालौन, औरैया और इटावा जिले सहित मध्यप्रदेश के भिंड जनपद मुख्यालयों से समान दूरी पर पंचनद संगम है। जो विश्व का सबसे अनोखा स्थल माना जाता है। यहां चंबल, यमुना, सिंध, पहुंज और क्वारी नदियों का महासंगम होता है। चंबल-अंचल के बीहड़ों में आध्यात्मिक और पर्यटन के नजरिए से यह अद्भुत स्थल है।