अपराजिता
- फोटो : amar ujala
शहर की पहली महिला क्रिकेट अम्पायर
शहर के क्रिकेट के मैदान में पहली बार जब वे अम्पायरिंग करने उतरीं तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि हर बॉल, हर एक्शन पर पैनी नजर है एक लड़की की। यह कोई सामान्य लड़की नहीं, क्रिकेट की पहली महिला अंपायर हैं काजल राठौर। बचपन से लड़कों के साथ खेलते-खेलते कब क्रिकेट खेलने का शौक पैदा हो गया, पता ही नहीं चला। हालांकि पहले बेसबॉल खेलती रहीं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी लेवल पर 13 नेशनल मैच खेले। फिर अचानक से रुख क्रिकेट की ओर हो गया।
इस बीच लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से अम्पायर एग्जाम का आयोजन किया गया। काजल कहती हैं, सीनियर्स ने सलाह दी परीक्षा देने की। आवेदन करने वाली मैं अकेली लड़की थी। परीक्षा भी पास कर ली। इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या लड़कों के मैच में अम्पायरिंग करोगी। मैंने कहा, ‘हां जरूर करूंगी’। बस, मेरा सलेक्शन हो गया। अब तक 50 से अधिक मैचों में अम्पायरिंग कर चुकी हूं।
काजल बताती हैं, मेरी पैदाइश लखनऊ में हुई। समाजशास्त्र में एमए और बीपीएड किया है। एक बहन नर्सिंग के क्षेत्र में है, जबकि भाई डांस टीचर है। मां बाल विकस एवं पुष्टाहार विभाग में कार्यरत हैं। आज मैं जो कुछ हूं, मां मंजू राठौर के कारण हूं।
यूपीसीए का एग्जाम क्वालिफाई करना है। मेरी राह आसान है, क्योंकि मां के साथ-साथ मुझे लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों का सहयोग मिला है। बिना किसी भेदभाव मुझे हर कदम पर प्रोत्साहित किया जाता है।