महिला दिवस की पूर्व संध्या पर एक और कई रंगारंग कार्यक्रम हुए, वहीं कुछ लोगों ने अपना कुछ यूं विरोध भी जताया।
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महिला दिवस पर छलका 'बेचारे' मर्दों का दर्द
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पति परिवार कल्याण समिति के बैनर तले महिला अधिकारों के दुरुपयोग और उससे हो रही पुरुषों की समस्याओं व उत्पीड़न को रोकने के लिए शहीद स्मारक से गांधी प्रतिमा तक पुरुषों ने साड़ी पहनकर मार्च किया।
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महिला दिवस पर छलका 'बेचारे' मर्दों का दर्द
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इनका कहना था कि दहेज और महिला उत्पीड़न के केसेज में कई बार पुरुष सही होते हुए भी फंसा दिए जाते हैं।
महिला दिवस पर छलका 'बेचारे' मर्दों का दर्द
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दूसरी ओर महिला दिवस की पूर्व संध्या पर फन मॉल में 'आवाज उठाओ' नुक्कड़ नाटक का मंचन हुआ, जिसमें कलाकारों ने एसिड अटैक के खिलाफ लोगों को जागरुक किया।
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सिफ्सा की ओर से इस मौके पर सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया।
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विधानसभा मार्ग स्थित एक होटल में हुए आयोजन में शास्त्रीय गायिका प्रो.कमला श्रीवास्तव, लोक गायिका विमल पंत समेत तमाम गायिकाओं ने लोक गवनई के सुरों में बिटिया को संवारा।