नौ दिनों तक शक्ति की उपासना करने के बाद महिलाओं ने सिंदूर खेलने की रस्म के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान माता के जयकारे भी लगे और हर कोई भक्तिभाव से भरा हुआ नजर आया।
शहर में कई जगहों पर विजयादशमी के अगले दिन दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इसके लिए शहर में अलग-अलग जगह पंडाल लगाए गए थे।