नेपाल से आए जंगली हाथियों के झुंड ने मंगलवार रात बहराइच की गिरिजापुरी कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। एक कॉलेज के गेट को तोड़कर अंदर घुस गए। कॉलेज के किचन और एक कमरे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। खिड़की और दरवाजे भी उखाड़ दिए। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर कॉलोनी के लोग जागे। एकत्रित लोगों ने मशाल जलाकर हांका लगाना शुरू किया। करीब दो घंटे बाद हाथी घने जंगल की ओर चले गए। सुबह कॉलेज प्राचार्य की सूचना पर वन कर्मियों ने मुआयना किया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में सरयू नहर की ओर से गिरिजापुरी कॉलोनी है। इस कॉलोनी में शारदा सहायक परियोजना इंटर कॉलेज गिरिजापुरी है। मंगलवार रात 11 बजे के आसपास नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट पहुंच गया। हाथी जंगल से होते गिरिजापुरी कॉलोनी जा पहुंचे। हाथियों ने कॉलोनी में स्थित इंटर कॉलेज के मुख्य गेट को तोड़ दिया।
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- फोटो : amar ujala
हाथियों ने कॉलेज के किचन, कमरा नंबर एक और दीवार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। खिड़की और दरवाजे भी उखाड़ दिए। चिंघाड़ सुनकर लोग जागे। सभी ने मशाल जलाकर हांका लगाना शुरू किया। करीब दो घंटे बाद हाथी वहां से चले गए।
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हाथियों से मुकाबले की न करें कोशिश
वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि हाथी झुंड में हमला करते हैं। ऐसे में हाथियों से मुकाबले की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हाथियों से हमले की दशा में समूह में शोर मचाते हुए रात के समय मशाल जलाकर ढोल या पीपा पीटना चाहिए।
आवास की तरफ रुख करते तो होता बड़ा हादसा
गिरिजापुरी कॉलोनी में सिंचाई विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के कर्मचारी और उनके परिवार निवास करते हैं। अगर हाथी 50 कदम और आगे बढ़कर आवासीय कॉलोनी पहुंच जाते तो कर्मचारी आवासों के क्षतिग्रस्त होने पर बड़ा हादसा हो सकता था।