फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी पुलिस की पहले भी हो चुकी है किरकिरी, निलंबित हो चुके हैं 219 पुलिसकर्मी

Sun, 30 Sep 2018 05:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : amar ujala
हाल के दिनों में पुलिसिया कार्यशैली की वजह से सरकार की अनेक मौके पर किरकिरी हुई है। ज्यादातर मामलों में छोटे पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करके अधिकारियों ने पीछा छुड़ा लिया। एक के बाद एक घटनाओं की वजह से सरकार कठघरे में खड़ी हुई है। हाल ही में मेरठ जिले में विपरीत धर्म के एक जोड़े पर पुलिसिया कहर टूटा था। पुलिसकर्मियों द्वारा लड़की की पिटाई की गई और उसके ही दोस्त के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मांगी जाती रही। 
विज्ञापन

2 of 5
वीडियो वायरल हुआ तो डीजीपी ऑफिस भी सक्रिय हुआ और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इसी तरह अलीगढ़ में एसएसपी ने एनकाउंटर की लाइव रिपोर्टिंग कराकर पुलिस की भद पिटवा ली थी। मामला तूल पकड़ा तो डीजीपी ने अलीगढ़ के एसएसपी को तलब कर लिया और पूरे मामले की जानकारी ली। लेकिन तब तक मीडिया में सरकार की काफी फजीहत हो चुकी थी।
विज्ञापन

फर्जी एनकाउंटर का विपक्ष लगाता रहा है आरोप

3 of 5
पुलिस पर गोली मारने का आरोप - फोटो : ani
इतना ही नहीं नोएडा में जितेंद्र पर फायर करने का मामला हो या मथुरा में एनकाउंटर के दौरान गई मासूम माधव की जान का मामला। उक्त दोनों मामलों में भी सरकार की जमकर फजीहत हुई थी। समाजवादी पार्टी के विधानपरिषद में नेता संजय लाठर एनकाउंटर के दौरान बेगुनाहों की मौत का मामला विधान परिषद में भी उठा चुके हैं।

आचरण को लेकर अब तक

4 of 5
- फोटो : amar ujala
जिस समय लखनऊ के पॉश इलाके में दो पुलिसकर्मी अपने आपराधिक कृत्य से देश भर में यूपी पुलिस की फजीहत की पटकथा लिख रहे थे उसी समय प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह गाजियाबाद में ऐेसे ही मामलों की रोकथाम के लिए लेक्चर देने की तैयारी कर रहे थे। पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने गाजियाबाद और नोएडा में पुलिसकर्मियों को नियम विरुद्ध, अवैधानिक और अपराधिक आचरण न करने और संवेदनशील बनाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इसके लिए 29 सितंबर को गाजियाबाद में और 30 सितंबर को नोएडा में पुलिसकर्मियों के साथ डीजीपी का संवाद कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इस कार्यक्रम में डीजीपी ने अवैधानिक और अपराधिक आचरण न करने के लिए निर्देश दिया। डीजीपी ने कहा कि लखनऊ के मामले में एसएसपी लखनऊ को संबंधित सिपाहियों के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज करके उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के अधिकारियों व कर्मचारियों की दंड एवं अपील नियमावली 1991 के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। डीजीपी ने कहा कि, जनवरी से अब तक 219 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित और 10 पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें