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Kanpur Encounter: यूपी के टॉप थ्री अपराधियों में शामिल हुआ विकास दुबे, कभी थाने के टॉपटेन में भी नहीं था

Tue, 07 Jul 2020 04:24 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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तस्वीर में विकास दुबे (बायें), डीआईजी स्टाफ अनंत देव व सीओ देवेंद्र मिश्रा। - फोटो : amar ujala
विकास दुबे जो 71 मुकदमों के बाद भी कानपुर के चौबेपुर थाने की हिट लिस्ट में नहीं था वह आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद प्रदेश के टॉप थ्री अपराधियों की सूची में पहुंच गया।

विकास के अलावा प्रदेश के केवल दो अपराधियों पर ही ढाई लाख रुपये का ईनाम घोषित है। इसमें एक है मेरठ का मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो और दूसरा पश्चिमी यूपी में मुनीर के साथ मिलकर लूट की बड़ी बड़ी वारदातों को अंजाम दे कर फरार हो जाने वाला आशुतोष। इन दोनों पर भी ढाई-ढाई लाख रुपये का ईनाम घोषित है।
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- फोटो : amar ujala
इन दोनों के अलावा प्रदेश के 19 अपराधी ऐसे हैं जिनपर पचास हजार या उससे अधिक राशि का ईनाम घोषित है। वहीं सूत्रों का कहना है कि अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जो भी फरार अपराधी है और बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है, उसपर ईनाम राशि बढ़ाई जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला
अपराधियों और पुलिस का गठजोड़ तोड़ने की कोशिशें हो चुकी हैं नाकाम
अपराधियों और पुलिसकर्मियों के बीच सांठगांठ को खत्म करने के पूर्व के प्रयास विफल हो चुके हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व डीजीपी तक के निर्देश बेमानी साबित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साल पहले आजमगढ़ में समीक्षा के दौरान कहा था कि अपराधियों और पुलिसकर्मियों की सांठगांठ अब नहीं चलेगी। ऐसे पुलिस कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले डीजीपी जावीद अहमद भी इसी तरह का आदेश दे चुके थे। दोनों ही आदेश बेमतलब साबित हुए और अपराधियों से सांठगांठ रखने वाले पुलिसकर्मी अपनी मनपसंद तैनाती पाते रहे।

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- फोटो : amar ujala
कानपुर की घटना के बाद अब पुलिस महकमा फिर जागा है। एडीजी कानून व्यवस्था ने कहा है कि ऐसे पुलिसकर्मियों को दूरस्थ स्थानांतरित किया जाएगा जिनके अपराधियों के साथ संबंध हैं या रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन अब पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण हो सकते हैं।  उन्होंने कहा कि जल्द ही ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर एनकाउंटर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कानपुर की घटना में कई पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। यही वजह है कि कई पर कार्रवाई हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अभी और भी ऐसे कई पुलिसकर्मी हैं जो विकास के संपर्क में थे। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों का विकास दुबे के साथ संबंध रहा है उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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