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वैभव हत्याकांड: पुलिस कस्टडी में हत्यारों ने बताया कहां फेका पिस्टल और कहां छोड़ी कार...

Thu, 21 Dec 2017 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : amar ujala
हजरतगंज चौराहे के पास पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव की गोली मारकर हत्या के बाद हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और प्रॉपर्टी डीलर सूरज शुक्ला की कार दो घंटे तक शहर की सड़कों पर दौड़ती रही। दोनों आरोपी चलती कार में पुलिस से बचने और सुबूत मिटाने की साजिश रचते रहे, फिर गांधी सेतु पर पहुंचे। वारदात में इस्तेमाल पिस्टल गोमती में फेंकी और फरार हो गए थे। दोनों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर गांधी सेतु पहुंची और पिस्टल की तलाश में गोताखोरों ने गोमती खंगाली।
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Vaibhav tiwari murder
पुलिस कस्टडी रिमांड का एक दिन बीतने के बाद भी वारदात में इस्तेमाल पिस्टल व कार बरामद नहीं हो सकी। पुलिस ने नए सिरे से पूछताछ शुरू की है। इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने बताया कि सूरज शुक्ला और विक्रम सिंह शनिवार रात 9 बजे के करीब पार्क रोड से कसमंडा हाउस के सामने पहुंचे। वहां सूरज ने वैभव को कॉल करके बुलाया।
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Vaibhav tiwari murder
थोड़ी देर बातचीत के बाद दोनों में झगड़ा हुआ। कहासुनी बढ़ने पर विक्रम सिंह ने वैभव को गोली मार दी। वैभव के गिरते ही दोनों कार पर सवार हुए और वापस पार्क रोड पर भाग निकले। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। उन्होंने आशियाना, सरोजनीनगर, बंथरा, गोमतीनगर समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर कार दौड़ाने और वारदात में इस्तेमाल पिस्टल गांधी सेतु से गोमती में फेंकने की बात कुबूली।

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Vaibhav tiwari murder
विक्रम ने कहा कि चलती कार में पुलिस से बचने की योजना बनाता रहा। फिर 1090 चौराहा होते हुए गांधी सेतु पर पहुंचा। लघुशंका के बहाने रेलिंग के पास पहुंचा और पिस्टल गोमती में फेंका। इस दौरान ड्राइविंग सीट पर बैठा सूरज आसपास की गतिविधियों पर नजर रखे था। 
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Vaibhav tiwari murder
इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही और इंस्पेक्टर हुसैनगंज राजकुमार सिंह फोर्स के साथ विक्रम और सूरज को लेकर बुधवार शाम 4:30 बजे गांधी सेतु पहुंचे। विक्रम से उस स्थान को चिह्नित कराया, जहां खड़े होकर उसने पिस्टल फेंकने की बात कुबूली। इसके  बाद गोताखोरों ने गोमती खंगाली। घंटा भर कवायद के बाद भी पिस्टल बरामद नहीं हो सका। 
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मर्डर - फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर हजरतगंज ने बताया कि सूरज शुक्ला ने कार बांदा के सरकारी अस्पताल में खड़ी करने की बात कुबूली। बोला कि विभिन्न स्थानों पर भटकने के बाद विक्रम ने पिस्टल ठिकाने लगाया। बोला कि पुलिस ने उसकी कार को तलाश रही होगी। इस पर उसने एक परिचित की मदद से कार बांदा पहुंचाई थी। इस पर इंस्पेक्टर ने बांदा पुलिस से संपर्क किया। सूरज के बताए अस्पताल का चप्पा-चप्पा खंगालने पर भी कार नहीं मिली। उसने एक ड्राइवर का मोबाइल नंबर बताया, लेकिन मोबाइल फोन बंद था। 
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मृतक वैभव तिवारी व अस्पताल में पुलिसकर्मियों के साथ उसके पिता। - फोटो : amar ujala
हत्याकांड की तफ्तीश कर रहे इंस्पेक्टर हजरतगंज ने पिस्टल व कार बरामद न होने पर दोनों आरोपियों के झूठ बोलने की आशंका जताई। कहा कि पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम दोनों से नए सिरे से पूछताछ करके राज उगवाएगी। जरूरत पड़ी तो पुलिस कस्टडी रिमांड बढ़ाने की भी अर्जी दी जाएगी। 
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