फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

Tue, 01 Mar 2016 01:49 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 10
देर रात आए पीसीएस-2015 के परिणामों में राजधानी के मेधावियों ने प्रतिभा का लोहा मनवाया। संघर्ष की राह पर चलकर इन होनहारों ने ऊंचा मुकाम हासिल किया। कोई आर्थिक रूप से कमजोर हालात से लड़कर तो कोई शादी के बाद फिर से जुझारू जज्बे के साथ तैयारी करता रहा और सफलता का परचम लहराया। ऐसे ही मेधावियों से पीसीएस का रिजल्ट भरा हुआ है। खास बात यह है कि इन सभी का सपना प्रदेश को बुलंदियों पर ले जाने का है।
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

2 of 10
नाम- अनूप कुमार श्रीवास्तव
पदनाम- असिस्टेंट कमिश्नर आफ इंडस्ट्रीज

अनूप का कहना है कि ग्रास रूट पर जो लोग हैं उनकी मदद करना चाहता हूं। मैं खुद ग्रामीण पृष्ठभूमि से रहा हूं, इसलिए मूलभूत सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाया जाए, इसके लिए प्रयासरत रहूंगा।

सक्सेस मंत्रा: धैर्य न खोएं और संयम बनाए रखें। मैंने एक गोल तय किया और उसे हासिल करने के लिए जी-जान से जुट गया। तीसरे प्रयास में मैंने क्वालिफाई कर लिया।

प्रेरणा: पिताजी पहले ही गुजर गए थे, इसलिए मां राजरानी श्रीवास्तव जोकि सचिवालय में सहायक समीक्षा अधिकारी हैं, उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। यह सफलता उनको समर्पित है।
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

3 of 10
पहले प्रयास में ही चखा सफलता का स्वाद
नाम- स्वेच्छा सिंह
पदनाम- नायब तहसीलदार

स्वेच्छा का कहना है कि मेरा उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में जाना है। यूपीपीसीएस मेरी प्राथमिकताओं में शामिल नहीं रहा है। इसलिए आईएएस के लिए तैयारी जारी रहेगी।

सक्सेस मंत्रा: यूपी पीसीएस में पहला प्रयास था और सक्सेसफुल रही। मैंने सेल्फ स्टडी की और इंटरव्यू के लिए कोचिंग जॉइन की। इसके अलावा मैग्जीन आदि पढ़ीं, जिनके जरिये सफलता मिली।

प्रेरणा: मेरी प्रेरणा मेरे पैरेंट्स हैं। पापा अयोध्या प्रसाद एनटीपीसी में सीनियर मैनेजर हैं और मां रीता हाउसवाइफ हैं, जिन्होंने हमेशा मुझे प्रोत्साहित किया।

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

4 of 10
हिम्मत हारे बिना करें मेहनत, मिलेगी सफलता
नाम- विपिन तिवारी
पदनाम- असिस्टेंट कमिश्नर कॉ‌मर्शियल टैक्स

विपिन ने बताया कि बिट्स पिलानी से बीटेक करने के बाद बंगलुरु में एक साल जॉब भी की। मगर, आंखों में सिविल सेवा में जाने का सपना था। इसलिए जॉब छोड़कर लखनऊ आया और तैयारी करने लगा। वर्ष 2013 से लगातार इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही थी। इस बार सपना पूरा हुआ।

प्रेरणा- विपिन तिवारी सिविल सेवा में आने के लिए पिता स्वर्गीय हरि प्रसाद तिवारी को अपनी प्रेरणा मानते हैं। उनके अनुसार पिता एसडीएम थे इसलिए हमेशा से सिविल सेवा में जाने का ख्वाब देखता था। उनके देहांत के बाद परीक्षा की तैयारी में लग गया। अपनी सफलता के लिए वे अपनी मां माधुरी तिवारी, बहन रोली ओर रजनी के साथ ही अपने गुरु डॉ. पवन मिश्रा को सबसे ज्यादा श्रेय देते हैं।

सक्सेस मंत्रा- बिना हार माने लगातार मेहनत करते रहें। सफलता जरूर मिलेगी।
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

5 of 10
प्रशासनिक अफसर बनने का था सपना
नाम- दीक्षा सिंह
पदनाम- असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज

दीक्षा का कहना है कि मैं हमेशा से प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती थी। दरअसल, गरीबी व भ्रष्टाचार को मैं समस्याओं की जड़ मानती हूं, इसलिए इन्हें कम करना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि मेरे मातहत काम करने वाले भ्रष्ट न हों और व्यवस्था को आम आदमी के लिए सुलभ बनाएं।

सक्सेस मंत्रा: काम के प्रति पूर्ण समर्पण ही मेरी सफलता का राज है। इसके अलावा सोशल नेटवर्किंग साइटों से पूरी तरह दूर रहती हूं और लक्ष्य फिक्स है, इसलिए भटकाव पैदा नहीं हुआ। दूसरे प्रयास में यह रिजल्ट रहा है।

प्रेरणा: मेरे पिता डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह चिकित्सक हैं, जबकि मां ममता सिंह हाउसवाइफ हैं, जिनका मुझे बहुत सपोर्ट मिला। मेरी सफलता का श्रेय उन्हें ही जाता है।
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

6 of 10
हिम्मत ने दिलाई सफलता
नाम- प्रमोद सिंह
पद- सब रजिस्ट्रार

प्रमोद सिंह में क्लास वन का अधिकारी बनने का जज्बा बना हुआ है। यही वजह रही कि अभी आबकारी निरीक्षक के रूप में काम कर रहे प्रमोद ने हिम्मत नहीं हारी। वह कई बार विफलता के बाद भी लगातार प्रयास करते रहे। अपनी मेहनत के दम पर वह इससे पहले भी दो बार इंटरव्यू तक पहुंचे और सफल नहीं हो सके। तीसरा बार वह फिर से इंटरव्यू में शामिल हुए और उनका चयन हो गया।

प्रेरणा- मां, पिता और पत्नी।

सक्सेस मंत्रा- हार्डवर्क और लगातार प्रयास।
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

7 of 10
मां-पिता की प्रेरणा ही सबकुछ
नाम- शरद प्रताप सिंह
पद- असिस्टेंट कमिश्नर कॉमर्शियल टैक्स

लखनऊ आईईटी से बीटेक करने के बाद शरद से सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। बीते साल उन्हें मेंस तक की परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बार उन्होंने सफलता हासिल कर ली। शहर मूल रूप से महोबा के चरखारी क्षेत्र से हैं। पिछले आठ साल से लखनऊ में रहकर ही पढ़ाई कर रहे हैं।

प्रेरणा- शरद अपनी प्रेरणा अपने वकील पिता शिव कुमार सिंह और गृहिणी मां पुष्पा सिंह को देते हैं। उनके अनुसार इन्हीं की प्रेरणा से उन्हें सफलता हासिल की है।

सक्सेस मंत्रा- कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी ही सफलता का मूल मंत्र हैं। बगैर कोचिंग भी सफलता हासिल की जा सकती है।

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

8 of 10
अभी जाना है और आगे
नाम- श्रद्घा दोसर
पदनाम- वाणिज्य कर अधिकारी

श्रद्घा ने बताया, मेरा सपना हमेशा से पीसीएस अधिकारी बनना रहा है। फिलहाल मैं टीचर हूं, पर पीसीएस में अच्छी पोस्ट के लिए प्रयासरत हूं। पिछले साल भी पीसीएस में हो गया था।

सक्सेस मंत्रा: हार्ड वर्क व सेल्फ स्टडी। मैं कभी अपने उद्देश्य से भटकी नहीं।

प्रेरणा: मेरी सफलता का श्रेय मां पुष्पा गुप्ता को जाता है, जो मेडिकल स्टोर चलाती हैं। पिता 1995 में गुजर गए थे। मां ने कड़ी मेहनत करके हम भाई-बहनों को पढ़ाया लिखाया और इस लायक बनाया।

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

9 of 10
पति और राखी भाई ने दिलाई मंजिल
नाम- शिवा बाजपेई
पदनाम- असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज

मूलरूप से पुराने लखनऊ की रहने वाली शिवा इन दिनों पति के साथ सीतापुर रोड पर एक किराए के मकान में रहती हैं। पति शिवाकांत शुक्ला लोअर कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। 2012 में एक बार मेंस तक पहुंचीं शिवा शादी के चलते अपनी सिविल सर्विसेज की तैयारी को जारी नहीं रख पाईं। शादी के करीब दो साल बाद पति और राखी भाई उमेश प्रताप सिंह ने प्रेरित किया तो दोबारा से तैयारी शुरू की। इसमें पति ने उनके काम का बोझ कम करने के लिए घर की जिम्मेदारी तक में मदद की। अपने विषयों के चयन में भी उन्होंने भ्रम तोड़ी और मेंस में कठिन माने जाने वाले जूलॉजी और बॉटनी विषय को लिया। एलयू से पीजी भी उन्होंने जूलॉजी में ही की है।

प्रेरणा- राखी भाई और पति।

सक्सेस मंत्रा- हिम्मत से लिए फैसले। फैमिली के सहयोग के साथ हार्डवर्क।
विज्ञापन

यूपी पीसीएस में इन्होंने लहराया लखनऊ का परचम, तस्वीरें

10 of 10
निरंतर प्रयास से मिला मुकाम
नाम- मनोज त्रिपाठी
पदनाम- बेसिक शिक्षा अधिकारी

कई वर्षों से नगर निगम मेरठ में लेखाधिकारी पद पर कार्यरत हूं। उद्देश्य आईएएस बनना है, जिसके लिए जी-जान से जुटा हुआ हूं। पीसीएस निकल गया, पर लक्ष्य अभी भी बाकी है, जिसे भेदकर ही दम लूंगा।

सक्सेस मंत्रा: रेगुलर स्टडी। मैंने लक्ष्य बनाया आठ घंटे पढ़ने का। नौकरी में हूं, इसलिए अमूमन समय नहीं मिल पाता, फिर भी मैं अपने टारगेट को पूरा करने के लिए भरसक प्रयास करता हूं।

प्रेरणा: मेरी मां ऊषा त्रिपाठी जोकि गृहिणी हैं और पिता आरके त्रिपाठी जोकि बीएसएनएल में चीफ एकाउंट ऑफिसर मेरी प्रेरणा रहे। इसके अतिरिक्त मेरी पत्नी डॉ. रुचि ने हर कदम पर मेरा साथ दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें