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कबाड़ी से खरीदे टिन में पैक किया जा रहा घटिया खाद्य तेल, लिवर के लिए धीमा जहर है ये

Wed, 24 Jul 2019 02:54 PM IST
ishwar ashish ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
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जुबली कॉलेज के पीछे चमका कर पैकिंग के लिए तैयार किए जाते हैं टिन - फोटो : अमर उजाला
 त्योहारों पर घटिया व मिलावटी सरसों व रिफाइंड तेल खपाने के लिए धंधेबाज जुटे हुए हैं। इसके लिए खाली टिनों को चमकाकर और उसपर ब्रांडेड या उससे मिलते नामों का लेबल उसमें लगाकर घटिया तेल पैक किया जा रहा है। आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे धंधेबाजों पर जिम्मेदार अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं।
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जुबली कॉलेज के पीछे चमका कर पैकिंग के लिए तैयार किए जाते हैं टिन - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के डालीगंज, त्रिवेणी नगर, मडियांव, ऐशबाग रामनगर, रकाबगंज समेत कई स्थानों पर प्रतिबंधित खाली टिनों में खाद्य तेल की री-पैकिंग का धंधा बेखौफ चल रहा है। खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम की धारा 49 उपधारा 5(6) के तहत टिन या प्लास्टिक कंटेनर के दोबारा इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। एक्ट में साफ किया गया है कि टिन एवं प्लास्टिक कंटेनर जिनमें तेल व फैट के लिए एक बार प्रयोग हो जाए उसे दोबारा पैकिंग में इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता।
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चमका कर पैकिंग के लिए तैयार किए जाते हैं टिन - फोटो : अमर उजाला
कबाड़ी से खरीदकर रसायनों की मदद से टिन को चमकाते हैं
धंधेबाज खाली टिन 25 से 30 रुपये में कबाड़ी से खरीदते हैं। इसके बाद कास्टिक, थिनर व सर्फ से इनकी बाहरी सफाई कर इन्हें नए टिन जैसा चमकाया जाता है। इसके बाद इसपर नामी ब्रांडेड रिफाइंड ऑयल या सरसों तेल से मिलते जुलते नाम का लेबल लगा दिया जाता है।  छोटे छेद के कारण टिन के अंदर जमे तेल व गंदगी की सफाई पूरी तरह से नहीं हो पाती। ऐसे में इसमें अच्छा तेल भी पैक किया जाए तो वह सेहत के लिए खतरनाक ही होगा। जबकि इनमें घटिया सरसों तेल व रिफाइंड ऑयल तैयार कर खपाया जा रहा है।

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चमका कर पैकिंग के लिए तैयार डिब्बे - फोटो : अमर उजाला
री-पैकिंग से तैयार एक टिन पर तीन सौ का मुनाफा  
 री-पैकिंग से तैयार किए गए 15 लीटर के खाद्य तेल एक टिन पर तीन सौ तक का सीधा मुनाफा कमाया जाता है।  त्यौहारों के दौरन मांग बढ़ने से राजधानी के शहरी व ग्रामीण इलाकों से जुड़े बाजारों में हर दिन 20 से 25 हजार अतिरिक्त खाद्य तेल व रिफाइंड टिन की खपत होती है।
लिवर के लिए धीमा जहर है ऐसा तेल
आईएमए लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह के मुताबिक पुराने टिनों में जमा गंदा तेल पूरी तरह साफ किए बिना नया तेल पैक करना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसे लिवर के लिए धीमा जहर कहा जा सकता है। ऐसे तेल का लगातार सेवन करना फैटी लिवर समेत कई अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। मिलावटी खाद्य तेल रक्त प्रवाह करने वाली धमनियों में संकुचन कर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने के साथ ही त्वचा संबंधी एलर्जी, पेट का अल्सर, दस्त व पेचिश की शिकायत भी पैदा करता है।
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चमका कर पैकिंग के लिए तैयार डिब्बे - फोटो : अमर उजाला
धरपकड़ के लिए त्योहार से पहले चलेगा अभियान     
खाली टिनों में री-पैकिंग पैकेजिंग नियमों का सीधा उल्लंघन है। ऐसे आरोपियों के खिलाफ एक्ट में दो लाख तक के जुर्माना का प्रावधान है। एफएसओ की टीम नियमित तौर पर बाजार में बिकने वाले खाद्य तेलों का नमूना लेकर कार्रवाई करती है। अब अलग से टीम गठित कर धरपकड़ कर इनकी सप्लाई बंद करायी जाएगी। - एसके मिश्रा, सीएफएसओ एफएसडीए
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