ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन है तो कार्डियो जैसे पसीने बहाने वाले एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं। लखनऊ के खिलाड़ी बता रहे हैं कि रस्सी कूदने और सीढ़ियां चढ़ने से भी शरीर को मजबूत बना सकते हैं। शहर में खेलों से जुड़ीं तमाम लोग लॉकडाउन में एक्सरसाइज पर खास ध्यान दे रहे हैं। कोई स्कीपिंग (रस्सीकूद) कर रहा है तो कोई डंबल उठाकर शरीर को मजबूत बना रहा है। योग की मदद से भी खुद को चुस्त दुरुस्त बनाने वालों की कमी नहीं है। हालांकि सभी कहते हैं कि फिट रहने के लिए नियमित एक्सराइज करनी चाहिए, ताकि कोरोना जैसी घातक बीमारी से लड़ा जा सके।
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अंतरराष्ट्रीय मास्टर एथलीट तृप्ति सिंह
- फोटो : amar ujala
कम से कम 30 मिनट करें एक्सरसाइज
शरीर को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना होगा। लॉकडाउन में आप दिन भर घर पर रहते हैं। ऐसे में अपना समय बढ़ाकर एक घंटा कर सकते हैं। एथलीट होने के नाते मुझे काफी तैयारी करनी होती है, लेकिन इस समय घर पर रहकर ट्रेनिंग कर रही हूं, ताकि आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार रखा जा सके। - तृप्ति सिंह, अंतरराष्ट्रीय मास्टर एथलीट
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बैडमिंटन कोच देवेंद्र कौशल।
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ऐसे बहाएं पसीना
वर्तमान हालात में घर से बाहर निकलकर दौड़ना सही नहीं होगा। ऐसे में आप स्कीपिंग (रस्सीकूद) का सहारा लेकर इस कमी को पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने घर पर जाने वाली सीढ़ियों पर भी बार-बार चढ़कर ट्रेनिंग कर सकते हैं, जिससे आपसी अंदरूनी ताकत में इजाफा होगा। - देवेंद्र कौशल, बैडमिंटन कोच
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साई कोच सुधीर सिंह।
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एक्सरसाइज के साथ करें योग
साई सेंटर में मैच प्रैक्टिस होने से पहले सभी को एक्सराइज करके वार्मअप होना पड़ता था। कुछ ऐसा ही हमें अपने घर में करना है, क्योंकि घर में बैठे करने से आपके शरीर में दुष्प्रभाव पड़ेगे। योग से अच्छा कोई व्यायाम नहीं है। आप घर पर एक्सराइज के अलावा अनुलोम विलोम, कपाल भाती व अन्य योग कर सकते हैं। - सुधीर सिंह, साई कोच
आज के दौर में फिट रहना जरूरी
काफी समय से क्रिकेट खेल रहा हूं। अनुभव के आधार पर बता सकता हूं कि खेलने के लिए सबसे जरूरी फिट रहना होता है। जिम नहीं जा सकता हूं। घर पर ही जिम के उपकरणों से एक्सरसाइज करता हूं। सभी से अपील है कि फिट रहने के लिए कम से एक आघा घंटा दें। - दीपेंद्र पांडेय, रणजी क्रिकेटर
घर में रहें, लेकिन, बैठे न रहें
इस समय घर से बाहर न निकलें, लेकिन सिर्फ बैठे भी न रहें। मैं घर पर बैडमिंटन खेल लेता हूं। कोई परेशानी होती है तो कोच गौरव सर से बात कर लेता हूं। दिन में एक घंटे योगाभ्यास करता हूं। एक दिव्यांग शटलर होने के नाते सभी से कहना चाहता हूं कि मुश्किल वक्त में घबराने से ज्यादा फिट रहने के बारे में सोचें। - अबू हुबैदा, अंतरराष्ट्रीय पैरा शटलर