पोते की बहू आने से त्योहार का रंग हुआ और गहरा
लालबाग निवासी किरन वर्मा के घर का माहौल एकदम अलग है। यहां उनकी सास शकुंतला वर्मा और उनकी बहू निधि भी उनके साथ व्रत रखती हैं। साथ ही उनकी देवरानी मंजू भी इसमें शामिल हैं। इस परिवार में सबसे बड़ी हैं शकुंतला वर्मा, जो 50 साल से व्रत रख रही हैं। कहती हैं कि मुझसे भाग्यवान कौन होगा जिसकी बहू और पोता बहू दोनों साथ में व्रत रख रही हों। किरन कहती हैं कि हम लोग अक्सर सोचते थे कि बहू आएगी तो क्या वो इन परंपराओं को निभा पाएगी, पर हम गर्व से कह सकते हैं कि उसके आने से पर्व का रंग और गहरा हो गया। आजकल के बच्चे गिफ्ट, सेल्फी कल्चर में भरोसा करते हैं, तो इसमें बुरा क्या है। हम सब साथ में व्रत रखते हैं, सिंगार करते हैं, पूजा करते हैं और पता ही नहीं चलता की कब चांद निकल आया। शकुंतला कहती हैं कि हर पीढ़ी की एक सोच होती है, जिसे हम बड़ों को स्वीकार करना चाहिए।