फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! लखनऊ में सांडों का आतंक, महिला समेत सात को पटका, 750 छुट्टा घूम रहे, तस्वीरें

Wed, 08 May 2019 04:51 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 12
- फोटो : amar ujala
लखनऊ के पीजीआई रायबरेली रोड की एल्डिको कॉलोनी में मंगलवार सुबह सांड के हमले में सात लोग घायल हो गए। इसमें एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। लगभग एक घंटे सांड का आतंक बना रहा। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम और नगर निगम को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद नगर निगम का दस्ता पहुंचा। इसके बाद सांड को पकड़ा गया। इस दौरान पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा। सांड के पकड़े जाने तक लोग घरों में डरे सहमे बैठे रहे।
विज्ञापन

2 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
कॉलोनी में सुबह नौ बजे उतरेठिया की रहने वाली सुशीला देवी कपड़े इस्त्री कर रही थीं। तभी एक सांड दौड़ता हुआ आया और हमला कर दिया। कुछ लोग बचाने के लिए दौड़े तो सांड दूसरी तरफ  भाग गया। सुशीला देवी को पहले नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख सिविल अस्पताल भेजा दिया गया।
विज्ञापन

3 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
सुशीला पर हमले के बाद दूसरी तरफ  से आ रहे तारा चंद्र यादव को सांड ने मारा, ताराचंद्र भी चोटिल हो गए। इसके थोड़ी देर बाद मोटरसाइकिल से दूध वितरण का कार्य करने वाले शीतल खेड़ा निवासी रिंकू पर हमला कर दिया और उसकी गाड़ी गिरा दी। रिंकू के बाद रास्ते से निकल रही पुष्पा देवी पर हमला किया। यहीं नहीं उधर से गुजर रहे तीन अन्य लोगों पर भी सांड ने हमला कर दिया।

 

4 of 12
सांड के हमले में घायल पुष्पा देवी - फोटो : अमर उजाला
बीकेटी में भी एक घायल
देवरी रुखारा गांव में मंगलवार की शाम खेत में गेहूं की कटाई कर रहे युवक कुलदीप पर सांड ने हमला कर दिया। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने युवक को राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने युवक को बलरामपुर अस्पताल भेज दिया।
विज्ञापन

5 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
जानवरों से घायल होने वालों की संख्या बढ़ी
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में जानवरों के हमले में घायल होकर आने वाली संख्या लगातार बढ़ रही है। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि यहां आने वाले कुछ घायलों में 1.5 फीसदी जानवर से घायल होने वाले आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या तीन से चार फीसदी पहुंच गई है।

 
विज्ञापन

6 of 12
सांड - फोटो : अमर उजाला
बीते 15 दिनों में जा चुकीं हैं चार जानें
लखनऊ। राजधानी में पिछले 15 दिनाें में सांड के हमले में चार लोगों ने अपनी जान गवां दी है। वहीं 12 से अधिक लोग घायल हो गए। सांड के हमले की पहली घटना पीजीआई के वृंदावन कॉलोनी सेक्टर-5 में हुई थी। यहां 22 अप्रैल को सेल्समैन मनोज पाल को सांड ने पटक दिया। इलाज के  दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं 27 अप्रैल को सरोजनीनगर में मुल्लाहीखेड़ा निवासी  गोविंद को नटकुर गांव की नहर पास सांड़ ने बाइक सहित फेंक दिया। बचने के लिए भागते-भागते थक गए तो सांड ने उन्हें कई बार पटक दिया। उनकी भी मौत हो गई।
विज्ञापन

7 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
उधर मार्च के अंतिम सप्ताह में मोहनलालगंज भागूखेड़ा में सांड ने अनिल कुमार को बाइक सहित पटक दिया। सींग  पेट और जांघ में लगी थी। आवारा मवेशियों से परेशान ग्रामीणों ने शव रखकर मोहनलालगंज-बनी रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन भी किया था। वहीं छह मई सोमवार सुबह इटौंजा हादसे में आवारा सांड के  चक्कर में अटरिया के नीरज की मौत हो गई। साथी गंभीर रूप से घायल हो गया है। इनका आतंक ज्यादातर ग्रामीण इलाके में है।

 

8 of 12
सांड - फोटो : अमर उजाला
लगातार सांड के हमलों की घटनाओं के बाद अब नगर निगम ने अपना अभियान शुरू किया है। पहले दिन 41 सांड नगर निगम ने पकड़े। अधिकारियों का कहना है कि पूरे शहर में करीब 750 सांड छुट्टा घूम रहे हैं। इनका सर्वे करा लिया गया है। 25 मई तक इन सभी सांड को पकड़कर कान्हा उपवन भेज दिया जाएगा।

9 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के संयुक्त निदेशक डॉ. अरविंद कुमार राव ने बताया कि अभियान में एक-एक इलाके को चिह्नित कर सभी कैटल कैचर एक साथ भेज रहे हैं। इससे एक-एक इलाके सांड मुक्त होते जाएंगे। 20 मई तक सभी सांड को पकड़ने की योजना है। इसके बाद 25 मई तक अभियान जारी रखकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नगर निगम की सीमा में एक भी सांड खुले में घूमता नहीं बचे।

10 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
पहले बड़े सींग, फिर छोटे सींग वालों पर कार्रवाई:  डॉ. राव ने बताया कि पहले चरण में बड़े सींग वाले सांड़ पकड़े जाएंगे। हादसे में मौत या गंभीर रूप से घायल करने के लिए यही जिम्मेदार हैं। दूसरे चरण में छोटे सींग वाले सांडों को पकड़ा जाएगा। नगर निगम ने मंगलवार को रायबरेली रोड और कानपुर रोड के इलाके अमौसी, एल्डिक ो उद्यान, हैबतमऊ मवैया, भदरूख, रजनीखंड, रूचिखंड में दिनभर में 41 सांड को कान्हा उपवन भेजा।

11 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
सीडीओ, एलडीए वीसी, जिला पंचायत को भेजा जाएगा पत्र
डॉ. अरविंद राव ने बताया कि अभी तक के जो दो बड़े हादसे सामने आए हैं। उनमें से 28 अप्रैल को नटकुर में गैस गोदाम के पास युवक को पटक कर मार देने की घटना हुई। वहीं पांच मई को हाईकोर्ट के जज राजेंद्र कुमार के दुर्घटना में घायल होने की घटना गोमतीनगर विस्तार में जनेश्वर पार्क के गेट पर हुई। दोनों ही क्षेत्र नगर निगम की सीमा के बाहर हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय से आए पूर्व आदेश के क्रम में एलडीए वीसी, सीडीओ और जिला पंचायत अधिकारी को पत्र भेजा जा रहा है। इस पत्र में सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्र में खुला घूम रहे सांडों को पकड़वाने की व्यवस्था कराने के लिए कहा जा रहा है। अवैध रूप से चल रही डेयरियों को भी यहां खत्म कराने के लिए कहा जाएगा।

 
विज्ञापन

12 of 12
सांड को पकड़ता कैटल दस्ता - फोटो : अमर उजाला
रैबीज की वजह से पागल हो गया था सांड
पीजीआई रायबरेली रोड की एल्डिको कॉलोनी में हमला करने वाले सांड को रैबीज है। वह पागल हो गया है, इसी से उसने हमला करना शुरू कर दिया। सांड को कैटल कैचर भेजकर पकड़वा लिया गया। उसे कान्हा उपवन भेज दिया गया है। - डॉ. अरविंद कुमार राव संयुक्त निदेशक, नगर निगम  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें