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Tejas Express: रेलवे से दरियादिली की उम्मीद कर रही 40 करोड़ के कर्ज से दबी तेजस एक्सप्रेस, 14 फरवरी से शुरू होगा संचालन

Sat, 13 Feb 2021 05:56 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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तेजस एक्सप्रेस: - फोटो : अमर उजाला
देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस ने अब तक 18.30 करोड़ रुपये के टिकट बेचे हैं, जबकि उस पर 40 करोड़ का कर्ज लद गया है। यह बोझ किसी और का नहीं, बल्कि रेलवे का ही है। इसमें हॉलेज, मेंटेनेंस चार्ज से लेकर वार्षिक शुल्क तक शामिल है। ऐसे में अब आईआरसीटीसी रेलवे बोर्ड की ओर दरियादिली की उम्मीद से देख रही है। रेलवे यह कर्ज माफ कर दे तो तेजस को गति मिल सकती है।
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तेजस चार अक्तूबर, 2019 से लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के बीच शुरू की गई। हालांकि, 19 मार्च, 2020 को कोरोना के चलते निरस्त कर दी गई और पांच महीने बंद रही। सितंबर में ट्रेन लौटी तो यात्री नहीं मिले। नतीजतन 16 दिन बाद इसे दोबारा निरस्त करना पड़ गया। अब 14 फरवरी से फिर ट्रेन चलाई जाएगी। इसके 600 से ज्यादा टिकट बुक हो चुके हैं। आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने बताया कि डेढ़ साल में तेजस 183 दिन ही चली। इस दौरान इसने 18.30 करोड़ रुपये टिकट बेचकर कमाए, जो खर्चों में ही निपट गए।
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- फोटो : twitter@ ministry of railway
औसतन एक दिन में दस लाख के टिकट बेचे
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे आईआरसीटीसी से तेजस चलाने के बदले सालाना 13 करोड़ रुपये लेता है। डेढ़ साल में इसके करीब 16 करोड़ रुपये देने होंगे। इसके अलावा रेलवे 13 लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मेंटेनेंस व हॉलेज चार्ज लेता है। 183 दिन में यह रकम 23.79 करोड़ रुपये बन रही है। ऐसे में कुल देनदारी करीब 40 करोड़ रुपये की हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि औसतन एक दिन में दस लाख रुपये के टिकट बेचने के हिसाब से 183 दिनों में कुल 18.30 करोड़ के टिकट बिके हैं। इससे ट्रेन होस्टेस, कैटरिंग, दैनिक खर्च भी उठाया है।

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...तो बैकफुट पर होंगी प्राइवेट ट्रेनें
यात्री एसोसिएशन के एसएस उप्पल ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस के संचालन को आधार बनाकर रेलवे प्राइवेट ट्रेनें पटरी पर उतारने का खाका तैयार कर रहा था। ऐसे में अगर तेजस फेल हुई तो प्राइवेट ट्रेनों का प्रोजेक्ट बैकफुट पर आ जाएगा। रेलवे आईआरसीटीसी पर सारे शुल्क माफ करे और डायनेमिक फेयर भी हटाए, ताकि किराया कम होने से यात्री बढ़ें।
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- फोटो : amar ujala
यात्री बोले, अलग-अलग किराया क्यों
इंजीनियर नेहा सिंह ने कहा कि तेजस में डायनेमिक किराया हटाया जाना चाहिए। लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली का एसी चेयरकार का शुक्रवार व सोमवार का किराया 870 रुपये है। शनिवार व रविवार को यह किराया 950 रुपये है। 14 फरवरी से एक बार फिर शुरू हो रही तेजस में लखनऊ से दिल्ली के बीच 600 सीटों पर बुकिंग हो चुकी है।
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- फोटो : amar ujala
अब हफ्ते में चार दिन चलेगी ट्रेन
आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल गुप्ता ने बताया कि 14 से फिर शुरू हो रही तेजस अब हफ्ते में चार दिन चलेगी। अभी चेयरकार में 237 व एग्जीक्यूटिव क्लास में 63 सीटें बची हैं। डायनेमिक फेयर से इनका किराया क्रमश: 1297 तथा 2006 रुपये पहुंच गया है। वहीं, शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में 84, एग्जीक्यूटिव क्लास में वेटिंग और अनुभूति कोच में 15 सीटें खाली हैं। लखनऊ मेल की स्लीपर में 90 वेटिंग तथा थर्ड एसी में 25 वेटिंग है। एसी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 42, सेकेंड एसी में 19 और फर्स्ट एसी में तीन वेटिंग है।

आईआरसीटीसी के सीपीआरओ आनंद झा का कहना है कि 14 से तेजस को एक बार फिर चलाने की सारी तैयारियां हो चुकी हैं। रेलवे को जो शुल्क देने पड़ते हैं, उसमें राहत मिल जाए तो तेजस रफ्तार पकड़ सकेगी।
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