बजट उपलब्ध होने के बावजूद मानदेय न दिए जाने से खफा वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर डेरा डाल दिया। इससे पहले शिक्षकों ने विधानभवन के सामने प्रदर्शन भी किया।
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प्रदर्शनकारियों ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव और शिक्षा निदेशक अमरनाथ वर्मा पर शिक्षक हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। साथ ही मानदेय खातों में न पहुंचने तक माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले धरना जारी रखने का एलान भी किया।
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खराब मौसम के बावजूद सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में शिक्षक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में जुटने लगे थे।
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महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और कानपुर से सपा के शिक्षक विधायक प्रत्याशी चौधरी रामवीर यादव ने कहा कि सरकार ने छह माह पहले मानदेय देने के लिए दो करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी है, लेकिन अधिकारी अब तक भुगतान के नियम व शर्तें तय नहीं कर पाए हैं। इससे वित्तविहीन शिक्षक परेशान हैं।
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लखनऊ से निर्दलीय एमएलसी उमेश द्विवेदी और बरेली-मुरादाबाद क्षेत्र से सपा एमएलसी संजय मिश्र ने कहा कि शिक्षकों के खातों में मानदेय न पहुंचने तक आंदोलन जारी रहेगा। अगर जल्दी मांग नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन शुरू होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
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इलाहाबाद-झांसी से सपा के शिक्षक विधायक प्रत्याशी रहे अशोक राठौर, बरेली से सपा के स्नातक विधायक प्रत्याशी रेनू मिश्रा और गोरखपुर-फैजाबाद से वित्तविहीन शिक्षक महासभा के स्नातक निर्वाचन प्रत्याशी अजय सिंह ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को अब तक मानदेय न मिलना चिंता का विषय है। इसे किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की।