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शिक्षक दिवस विशेष: कोरोना काल में भी इन शिक्षकों ने नहीं मानी हार, अपने इनोवेशन से फैलाया ज्ञान का प्रकाश

Sun, 05 Sep 2021 03:21 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
कोरोना काल में हर क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शिक्षा के क्षेत्र पर ज्यादा असर पड़ा। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी कुछ शिक्षकों ने चुनौतियों को स्वीकार किया और अपने नवाचार के जरिये जितना संभव हो सका, बच्चों के भविष्य को संवारने की प्रक्रिया को जारी रखा।

स्कूल में बनाई गणित और वनस्पति लैब
मधुरिमा श्रीवास्तव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शीतलपुरवा
कोरोना काल में बीकेटी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय शीतलपुरवा की सहायक अध्यापिका मधुरिमा श्रीवास्तव के नवाचारों को प्रदेश सरकार की खूब सराहना मिली। गणित जैसे विषय को सरलता से पढ़ाने के लिए उन्होंने स्कूल में मैथ्स की लैब की स्थापना की है। अरिथमैटिक, एलजेब्रा, जियोमेट्री आदि के सवाल को केवल ब्लॉक के माध्यम से हल कर देती हैं।
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मधुरिमा श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala
बच्चे खेल-खेल में गणित पढ़ते हैं। यही नहीं गणित के कई वीडियो लेक्चर भी तैयार किए, जिसे प्रदेश सरकार ने स्वीकार कर अपने पोर्टल पर उपलब्ध कराया। वनस्पति लैब स्थापित की, जिसमें 250 पौधे मौजूद हैं।

बच्चे लैब में न केवल पौधे देखते हैं बल्कि उनके नाम, औषधीय गुण, संरचना और प्रयोग के बारे में भी जानकारी लेते हैं। यही नहीं इन्होंने अंग्रेजी की पाठ्य सामग्री से संबंधित पूरी डिक्शनरी ही तैयार कर दी। पाठ योजना प्रतियोगिता में लखनऊ से सम्मानित होने वालीं यह एकमात्र शिक्षिका हैं।
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विमलेश मौखरी - फोटो : amar ujala
कर्सिव राइटिंग का बना डाला देसी जुगाड़
- विमलेश मौखरी, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक स्कूल धनुआसांड
मोहनलालगंज स्थित प्राथमिक स्कूल धनुआसांड की प्रधानाध्यापिका विमलेश मौखरी ने बच्चों को अक्षर पहचानने और उनकी लेखनी सुधारने के लिए कर्सिव राइटिंग का देशी जुगाड़ निकाला। उन्होंने पारदर्शी मोटी पॉलिथीन में अक्षरों के ब्लॉक डाले, फिर बच्चों को उसपर स्केच पेन, पेंसिल या फिर महज उंगलियां फेरने की प्रक्रिया बताई। बच्चे अच्छी तरह से जानने लगे कि कौन सा अक्षर कैसे लिखते हैं। उन्होंने मोहल्ला कक्षाओं और फोन के द्वारा इस विधि को समझाया और अभिभावकों को इसे घर पर बनाने का तरीका भी बताया। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर उनको सम्मानित भी किया गया।

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अजिता सिंह - फोटो : amar ujala
कोरोना काल में खड़ी करदी मोबाइल टीम
- अजिता सिंह, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर अमौलिया
कोरोना काल में प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर अमौलिया की प्रधानाध्यापिका अजिता सिंह ने गांव के लोगों के साथ मिलकर एक तरह से मोबाइल टीम खड़ी कर दी। गांव के लोग बच्चों के पास जाते। अपने एक-एक स्मार्ट मोबाइल से तीन से पांच बच्चों को एकसाथ जोड़ते।

इससे मोबाइल न होने पर भी छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रही। सभी की कोशिश रंग लाई और बच्चों ने पहली बार इसी प्रक्रिया से गूगल मीट पर लाइव क्लास भी ली। उन्होंने भी पांच-पांच बच्चों की टीम तैयार कर उनको पांच मोबाइल भेंट किए ताकि उसके माध्यम से छात्र एकसाथ पढ़ सकें। उनके इसी प्रयास की बदौलत शनिवार को महापौर ने सम्मानित भी किया।
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हेमलता तिवारी - फोटो : amar ujala
शुरू कर दिया यू ट्यूब चैनल
- हेमलता तिवारी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा
मोहनलालगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा की सहायक अध्यापिका हेमलता तिवारी ने अपना खुद का यू ट्यूब चैनल शुरू कर दिया। हिंदी, सोशल स्टडीज, व्याकरण आदि के 300 वीडियो लेक्चर तैयार किए। पढ़ाने का तरीका इतना रोचक था कि विभाग ने भी इनके काम को सराहा और अपने ई-पाठशाला दीक्षा एप पर इनके वीडियो लेक्चर को स्थान दिया। अब पूरे प्रदेश के शिक्षक और बच्चे इनके वीडियो लेक्चर को देखते हैं और पढ़ते हैं। विभाग की तरफ से होने वाले ऑनलाइन क्विज के अभ्यास के लिए यह बच्चों का मॉक टेस्ट भी कराती हैं।
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