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अमेठी हत्याकांड: गांव में छाई वीरानी, शिक्षक व परिजनों का हुआ अंतिम संस्कार, घरों से बाहर नहीं निकल रहे लोग

Sat, 05 Oct 2024 04:17 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
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- फोटो : amar ujala
जिंदगी की पहेली समझना मुश्किल है। जब यह नाराज होती है तो अपने पीछे गम और आंसू छोड़ जाती है। सुदामापुर गांव में भी यह हालात है। शिक्षक और उसके परिवार के जनाजे निकले तो हर आंख भर आई। 72 घंटों से गांव में मातम और उदासी पसरी हुई है। गोला घाट में भी जब शवों का अंतिम संस्कार हो रहा था तो गंगा तट के पास खड़ी जिंदगियां नियति के खेल के सारे सिर झुकाने को मजबूर हुईं। शायद यही जिंदगी का फलसफा है।

गंगा घाट के किनारे चार शवों को देख हर किसी के जेहन में जिंदगी की पहेली कौंध गई। एक पल  के लिए लगा कि क्या यही सच है। उधर, सुदामापुर  गांव इस तरह वीरान सा नजर आ रहा है कि जैसे गांव पर किसी क्रूर ने कहर बरपाया हो। लोग घरों से निकल नहीं रहे हैं। दिलों में चार शवों की याद इस कदर बस गई है कि उससे बाहर निकलने में लोगों को भी समय लगेगा।

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- फोटो : amar ujala
शवों का अंतिम संस्कार गोलाघाट पर किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस विभाग के लोग मौजूद रहे।
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- फोटो : amar ujala
पति-पत्नी के शव को एक ही चिता में रखकर मुखाग्नि दी गई। इस वारदात से एक हंसता खेलता परिवार खत्म हो गया।

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raebareli - फोटो : amar ujala
पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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raebareli - फोटो : amar ujala
घाट पर ग्रामीण लोग मौजूद रहे। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अलग-अलग दलों के नेता भी आए।
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