बसपा से निलंबित किए गए कुछ विधायकों ने गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से फिर मुलाकात की। माना जा रहा है कि बसपा के कुछ और विधायक सपा अध्यक्ष से मिल सकते हैं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा से लोकसभा चुनाव में गठबंधन और गेस्ट हाउस कांड का मुकदमा वापस लेने को बड़ी गलती बताते हुए कहा कि चुनाव बाद कई बार अखिलेश यादव को फोन किया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। इसके बाद मजबूरी में सपा से अलग चलने का फैसला करना पड़ा।
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- फोटो : अमर उजाला
दोपहर में अखिलेश से मिलने पहुंचे विधायकों ने कहा कि बसपा में को-ऑर्डिनेटर कुर्क अमीन की तरह हैं। उनका काम सिर्फ पैसा जमा कराना है। वर्ष 2022 के चुनाव के लिए अभी से कलेक्शन शुरू हो गया है।
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कभी संगठन के नाम पर वसूली होती है तो कभी किसी दूसरे बहाने से। 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन का लक्ष्य अलग है।
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भिनगा (श्रावस्ती) के विधायक असलम राइनी व धौलाना (हापुड़) के विधायक असलम अली चौधरी ने खासतौर पर बसपा की रीति-नीति की जानकारी दी।
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मायावती ने ये भी कहा कि पार्टी प्रत्याशी रामजी गौतम का प्रस्तावक होने से इनकार करने वाले 4 विधायकों समेत 7 विधायकों पर कार्रवाई करते हुए कहा कि इन्हें अब पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा।
इनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ाया जाएगा। इन निलंबित विधायकों के स्थान पर इन्हीं की जाति, धर्म व समाज के लोगों को टिकट दिया जाएगा। मुस्लिम समाज व अन्य को बढ़ावा मिलता रहेगा।