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सचिवालय कर्मी ने ट्रेन के आगे कूदकर किया सुसाइड, महिला अफसर पर लगाया देहव्यापार में फंसाने का आरोप

Thu, 11 Mar 2021 07:22 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
लखनऊ के हसनगंज थानाक्षेत्र के रैदास मंदिर रेलवे क्रॉसिंग पर बुधवार सुबह सचिवालय में संविदा पर तैनात विशाल सैनी (26) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। इससे पहले उसने पुलिस कंट्रोल रूम को खुद कॉल कर सूचना भी दी थी। सुसाइड नोट में विशाल ने महिला आईपीएस अफसर पर जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया है।

चांदगंज छपरतल्ला के अर्जुन सैनी के बेटे विशाल की खुदकुशी की सूचना पर मौके पर पहुंची अलीगंज, मड़ियांव और हसनगंज थाने की पुलिस डेढ़ घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। मामला सोशल मीडिया पर आया तो अधिकारी हरकत में आए और तीनों थाना प्रभारियों को फटकार लगाई।

इसके बाद हसनगंज थाने को पोस्टमार्टम करवाने के आदेश दिया गया। इस दौरान परिजन, स्थानीय लोगों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। जानकारी मुताबिक विशाल के खुदकुशी करने की सूचना देने के बाद भी पुलिस अलर्ट नहीं हुई और तलाश तक नहीं शुरू की। कुछ देर बाद विशाल के ट्रेन के आगे कूदने की सूचना भी कंट्रोल रूम को मिल गई।
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- फोटो : अमर उजाला
समाज में नजरें उठाकर नहीं चल पा रहा हूं...
विशाल ने सुसाइड नोट में लिखा ‘मैं विशाल सैनी पुत्र अर्जुन सैनी पूरे होश में आत्महत्या कर रहा हूं, जिसकी जिम्मेदार आईपीएस प्राची सिंह हैं। उन्होंने मेरा कॅरिअर खराब कर दिया है। इससे मैं समाज में नजरें उठाकर नहीं चल पा रहा हूं। मुझे घुटन सी हो रही है। प्राची सिंह को कड़ी से कड़ी सजा होना चाहिए, जिससे वह निर्दोष लोगों को जेल न भेजें। मैं बेकसूर था मुझे सेक्स रैकेट में प्राची सिंह ने फंसाया है। मम्मी पापा अपना ख्याल रखना। आपका लाडला विशाल सैनी।’ सुसाइड नोट पर 10 मार्च की तारीख दर्ज हैं। इस पर विशाल ने अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
पिता ने कहा, फर्जी आरोप में भेजा जेल
अर्जुन सैनी ने एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह पर आरोप लगाया कि वह उनके बेटे पर लगातार प्रेशर बना रही थी। अर्जुन के मुताबिक विशाल 13 फरवरी को जिम से निकलकर चाऊमीन खा रहा था। इसी दौरान प्राची सिंह ने पुलिसकर्मियों को इशारा किया। चार गाड़ियों से पहुंची पुलिस ने उसे दबोच लिया।

अर्जुन का आरोप है कि प्राची सिंह फर्जी तरीके से विशाल को सेक्स रैकेट में फंसा रही थी। उसी दिन इंदिरानगर में स्पा सेंटर पर छापा डाला गया था। इस दौरान पुलिस ने आसपास के 50 मीटर के दायरे में किसी के न खड़े होने की चेतावनी दी। इसके बाद भी उनके बेटे को उठाकर बंद कर दिया।

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- फोटो : सोशल मीडिया
‘स्पा सेंटर में रंगेहाथ पकड़ा गया था विशाल’
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक इंदिरानगर व गाजीपुर में रहने वालों ने सूचना दी थी कि कॉलोनी के स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चलता है। मामला सही पाए जाने पर 13 फरवरी को छह स्पा सेंटरों पर छापा मारा गया। इसमें 15 युवक व 20 युवतियां रंगेहाथ पकड़े गए। कुछ लोग पुलिस देखकर भागते समय आसपास से पकड़े गए।
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- फोटो : अमर उजाला
मामले में संलिप्तता न मिलने पर इन्हें छोड़ दिया गया। विशाल सैनी इंदिरानगर के स्पा सेंटर में रंगेहाथ पकड़ा गया था। पुलिस ने मौके से ढाई लाख रुपये भी बरामद किए थे। पुलिस ने स्पा सेंटर के अंदर रंगेहाथ पकड़े गए लोगों पर ही कार्रवाई की है। विशाल व उसके पिता के आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, विशाल के परिजन आईपीएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।
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संविदाकर्मी के परिवारीजन मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे थाने

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सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को सचिवालय कर्मचारी अर्जुन सैनी व अन्य परिवारीजन अलीगंज थाने पहुंचे। वहां प्रभारी निरीक्षक पन्ने लाल यादव से मिलकर तहरीर देने की बात कही। जिसमें आईपीएस प्राची सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात लिखी थी। अलीगंज पुलिस ने मामला हसनगंज थाने का होने की बात कहकर टरका दिया। इसके बाद विशाल के परिवारीजन हसनगंज थाने गये। जहां प्रभारी निरीक्षक अमरनाथ वर्मा से मिले। उन्हें तहरीर दी। इंस्पेक्टर ने तहरीर रख ली। इसके बाद उनको जाने के लिए कह दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की है। विशाल केपिता व बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकेभाई को फर्जी तरीके से फंसाया था। विशाल स्पा सेंटर के बाहर ठेले पर चाऊमीन खा रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अंदर ले जाकर वीडियो बनाई और उसे गिरफ्तार दिखाया। पुलिस की कार्यवाही अगर सही है। तो पुलिस स्पा सेंटर के प्रवेश द्वारा पर लगे सीसीटीवी कैमरे की पूरे छापेमारी के दौरान की फुटेज सार्वजनिक कर दे। वहीं पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने जो वीडियोग्राफी कराई थी उसे भी सार्वजनिक करे। फुटेज में पुलिस के छापा से पहले विशाल अंदर मिला तो कार्यवाही सही मान लेंगे। पुलिस की पूरी छापेमारी में गड़बड़ी है। इसी कारण फुटेज सार्वजनिक नहीं कर रही है।
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