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दरोगा आत्महत्या केस: निर्मल का मार्मिक खत, सरकार! आपके सहारे बच्चों को छोड़कर जा रहा हूं, लोन माफ न किया तो वो अनाथ हो जाएंगे...

Fri, 05 Mar 2021 08:58 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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sub inspector suicide case - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में विधान भवन के गेट नंबर-7 के सामने गुरुवार को पार्किंग में ड्यूटी दे रहे दरोगा निर्मल कुमार चौबे (53) ने खुद को गोली से उड़ा दिया। उन्होंने सर्विस पिस्तौल से सीने में बाएं तरफ गोली मार ली। गोली पार हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दरोगा की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें बीमारी से परेशान होकर खुदकुशी की बात लिखी थी। 
 
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सब इंस्पेक्टर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
1987 में सिपाही के पद पर भर्ती हुए निर्मल चौधरी को दो पदोन्नति मिली। पहली पदोन्नति में हेड कांस्टेबल हुए और दूसरी में दरोगा के पद पर तैनात हुए। बंथरा थाने में उनकी तैनाती 2019 में हुई थी। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह के मुताबिक, चिनहट से बंथरा दूर होने के कारण अक्सर उनकी ड्यूटी सचिवालय पर लगती थी, ताकि वह आसानी से ड्यूटी कर घर चले जाएं। उनकी बीमारी के बारे में सभी को जानकारी थी। 
 
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जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
सहूलियत के लिए ही सचिवालय के पास ड्यूटी पर भेजा जाता था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, सचिवालय की लगातार ड्यूटी लगने से निर्मल नाराज थे। वह थाने में रहकर काम करना चाहते थे। इसे लेकर उनकी बहस भी हो चुकी थी।
 

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जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
खंगाला गया सीसीटीवी फुटेज
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, गोली की आवाज सुनने के बाद पुलिसकर्मियों ने घायल दरोगा को अस्पताल पहुंचाया। वहीं, अधिकारियों ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। फुटेज में दरोगा पार्किंग में अकेले खड़े दिखे। उन्होंने अचानक खुद को गोली मार ली। इस दौरान वहां आसपास कोई नहीं था।
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घटनास्थल पर पड़ी पिस्टल व अन्य सामान - फोटो : अमर उजाला
सर्विस पिस्तौल-कारतूस बरामद 
प्रभारी नगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक वारदात स्थल से दरोगा की सर्विस पिस्तौल व कारतूस मिला है। पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। निर्मल के परिवार में पिता की मौत हो चुकी है। बुजुर्ग मां विद्या देवी, तीन छोटे भाई प्रदीप कुमार, अतुल कुमार, अनिल कुमार, पत्नी निरूपमा, बेटा विकास चौबे, सर्वेश चौबे व विकास की बहू अर्चना हैं।
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जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
काफी समय से परेशान थे पापा
निर्मल के खुदकुशी की सूचना पर चिनहट के रामा डिग्री कॉलेज के पास रहने वाला परिवार सिविल अस्पताल पहुंचा। वहां पत्नी निरूपमा बेसुध हो गई। बेटे विकास व सर्वेश ने मां को संभाला। विकास ने बताया कि पापा काफी समय से परेशान थे। उनका इलाज भी चल रहा था।  थाना प्रभारी निरीक्षक बंथरा जितेंद्र सिंह ने बताया कि तबीयत खराब होने से निर्मल ने मेडिकल लीव भी लिया था।
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जांच करने पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
घर का लोन माफ कर दीजिएगा 
मुख्यमंत्री को संबोधित सुसाइड नोट में निर्मल ने लिखा कि तबीयत खराब है ठीक नहीं हो पाएंगे। मुख्यमंत्री निवेदन है कि मेरे बच्चों का घर लोन पर है। माफ कर दीजिएगा। नहीं तो बच्चे अनाथ हो आएंगे। सरकार आप बच्चों को नौकरी जरूर दीजिएगा अब आपके सहारे छोड़कर जा रहा हूं। मुझे माफ कीजिएगा। 
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