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जेईई-एडवांस में चुने गए युवाओं ने दिए सक्सेस मंत्रा बोले- 4-5 घंटे की तैयारी भी दिलाएगी सफलता

Sun, 16 Jun 2019 06:57 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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जेईई-एडवांस - फोटो : अमर उजाला
जेईई-मेन के बाद जेईई-एडवांस में भी सफलता हासिल कर राजधानी के 300 युवाओं ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) का टिकट पक्का कर लिया। इसमें तेजस वैश्य ने 1068, प्रजित कुमार ने 1113 रैंक हासिल की तो डोलेश 1127 रैंक लाकर ज्यादा पीछे नहीं रहे। प्रसून ने 1282 रैंक हासिल की। अनुदीप वर्मा, कनिष्क गांधी, मधुर कुमार, राघव प्रकाश अग्रवाल, तन्मय सिंह, ओजस श्रीवास्तव, आर्यन रस्तोगी, श्रीश ग्रोवर और अनन्या मोहित सहित 300 होनहारों ने परचम लहराया।  जेईई-एडवांस के माध्यम से देश के 23 आईआईटी की करीब 12 हजार सीटों पर दाखिले होंगे। उधर, अभ्यर्थियों को रिजल्ट के लिए शुक्रवार को काफी परेशान होना पड़ा। सर्वर डाउन होने से छात्र परिणाम नहीं  देख पाए। चार बजे के बाद भी करीब एक घंटे का इंतजार करना पड़ा।
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तेजस वैश्य - फोटो : अमर उजाला
आईएएस बनना है मेरा लक्ष्य : तेजश वैश्य
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1068

शुरू से ही एडवांस को लक्ष्य बनाकर तैयारी की। यही वजह रही कि मेन में 2472 रैंक आई। मैं आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहता हूं। इसके बाद आईएएस बनना है। पिता अशोक कुमार वैश्य का व्यवसाय है। मां ममता वैश्य गृहिणी हैं।
टिप्स: सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। एक मेंटर जरूर होना चाहिए, जो लक्ष्य हासिल करने का रास्ता बताता चले।
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प्रजित कुमार - फोटो : अमर उजाला
पुराने वर्षों के पेपर सॉल्व किए : प्रजित कुमार
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1113

पढ़ाई के दौरान सोशल साइट का प्रयोग तब किया जब थक जाता था। इससे नई जानकारियां भी मिलती हैं। मैं बैडमिंटन खेलता था। मैंने पिछले पांच साल के पेपर सॉल्व किए और उनका रिवीजन किया। अभी तय नहीं किया कि किस आईआईटी में जाना या आगे क्या करना है। पिता दीपक कुमार वन विभाग में और मां मोनिका गृहिणी हैं।
टिप्स: कांसेप्ट क्लीयर रखें। रिवीजन करें और जो पढ़ें, मन लगाकर पढ़ें।

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डोलेश - फोटो : अमर उजाला
आईआईटी बांबे से सीएस करने की इच्छा : डोलेश
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1127
जेईई मेन में अच्छी रैंक के बाद मेरा हौसला बढ़ा। इसके बाद मैंने और अच्छे तरीके से तैयारी की। आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करूंगा। अभी आगे का लक्ष्य तय नहीं किया है। पिता डॉ. उमाशंकर बाराबंकी में डॉक्टर और मां संध्या शिक्षिका हैं। अभिभावकों ने पूरा सहयोग किया।
टिप्स: शुरुआत से एडवांस को लक्ष्य बनाकर तैयारी की। सभी को लक्ष्य बनाकर तैयारी करनी चाहिए।
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प्रसून बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
4-5 घंटे की तैयारी भी दिलाएगी सफलता : प्रसून बाजपेई
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1173

मन लगाकर रोजाना 4-5 घंटे भी पढ़ते हैं तो जेईई एडवांस में सफलता मिलती है। मैंने  पिछले साल के पेपर सॉल्व किए और रिवीजन किया। समय निकालकर फुटबॉल भी खेला, पर सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। पिता बद्री विशाल बाजपेई पशुपालन विभाग में और मां कुसुम बाजपेई गृहिणी हैं।
टिप्स: परीक्षा की तैयारी शुरू से करें। ऐन वक्त पर तैयारी से सफलता नहीं मिलेगी। पुराने पेपरों को हल करने से लक्ष्य आसान होता है।
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अनुदीप वर्मा - फोटो : अमर उजाला
इसरो में जाने का है सपना : अनुदीप वर्मा
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1282

पहले मैं इंजीनियर बनना चाहता था, लेकिन मिशन मंगलयान के बाद लक्ष्य बदला है। अब मैं इसरो में जाकर देश के लिए कुछ करना चाहता हूं। मैंने पहले उन प्रश्नों की तैयारी की, जो मुझे नहीं आते थे। बाकी का रिवीजन किया। मैंने पढ़ाई का कोई समय तय नहीं किया था। जब पढ़ा, मन लगाकर पढ़ा। मां अनीता वर्मा शिक्षिका व कुलदीप वर्मा डायल 100 में कर्मचारी हैं।
टिप्स : किसी भी परीक्षा की सफलता के लिए रिवीजन बहुत जरूरी है। जेईई में मॉक टेस्ट भी बहुत जरूरी है।
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तन्मय सिंह - फोटो : अमर उजाला
वैज्ञानिक बनकर करनी है सेवा : तन्मय सिंह
ऑल इंडिया रैंकिंग : 2690

मेरी हमेशा विज्ञान में रुचि रही है। मैं वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करूंगा।  पिता अशोक कुमार सिंह परिवहन विभाग में क्लर्क व मां मीरा सिंह गृहिणी हैं। मैं जब भी नर्वस होता परिवार पूरा सहयोग करता।
टिप्स: पुराने वर्षों के पेपर का रिवीजन जरूरी है। इससे काफी कांसेप्ट क्लीयर होता है। मॉक टेस्ट भी सहयोगी होता है।

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ओजस श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
गणित ने थोड़ा पीछे कर दिया : ओजस श्रीवास्तव
ऑल इंडिया रैंकिंग : 2784

फिजिक्स ने थोड़ा बैलेंस किया, लेकिन गणित ने झटका दे दिया। जेईई मेन में मेरी 1487 रैंक थी। आईआईटी खड़कपुर से केमिकल इंजीनियरिंग करके मुझे भारतीय इंजीनियरिंग सर्विसेज में जाना है। पिता विनोद कुमार श्रीवास्तव सिविल कोर्ट में क्लर्क और मां अर्चना श्रीवास्तव गृहिणी हैं।
टिप्स: एडवांस को फोकस कर तैयारी की। कड़ी मेहनत से ही सफलता मिलेगी।

 

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आर्यन रस्तोगी - फोटो : अमर उजाला
किसी पुरानी आईआईटी में लूंगा प्रवेश : आर्यन रस्तोगी
ऑल इंडिया रैंकिंग : 3167

अपेक्षा के अनुरूप रैंक नहीं आई है। हालांकि जेईई मेन (7635) से बेहतर किया है। किसी पुरानी आईआईटी में प्रवेश लेना लक्ष्य है। मैं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में काम करना चाहता हूं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में स्नातक करूंगा। पिता विशाल रस्तोगी डीजीएम फार्मास्यूटिकल में और मां श्रुति रस्तोगी गृहिणी हैं।
टिप्स: हमें नियमित पढ़ाई करनी चाहिए। शुरुआत से तैयारी करने से दबाव नहीं रहता। मैंने कई मॉक टेस्ट भी दिए हैं।

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श्रेष्ठ ग्रोवर - फोटो : अमर उजाला
एडवांस ही रहा लक्ष्य : श्रेष्ठ ग्रोवर
ऑल इंडिया रैंकिंग : 3422

मेरा लक्ष्य पहले से जेईई एडवांस रहा। यही वजह रही कि मेन में रैंक 6095 रही। मैं आईआईटी कानपुर से बीटेक करना चाहता हूं। विज्ञान के क्षेत्र में अपना लक्ष्य बनाना चाहता हूं। मैंने रिवीजन पर जोर दिया। पिता विपिन ग्रोवर बिजनेसमैन और मां निधि ग्रोवर शिक्षिका हैं।
टिप्स :प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई करना चाहिए। जब भी पढ़ें मन लगाकर पढ़ें। नोट्स बनाकर रखें और रिवीजन करें।
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नीमित अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
मेन के बाद ज्यादा से ज्यादा हल किए पेपर : नीमित अग्रवाल
ऑल इंडिया रैंकिंग : 3434
कोटा में रहकर दो साल तैयारी की और पहले ही प्रयास में 3434वीं रैंक हासिल की। मुझे सीएस में जाना था, लेकिन सिविल मिलने की उम्मीद है। कानपुर, खड़गपुर या दिल्ली आईआईटी में दाखिला मिलने की उम्मीद है। हालांकि मुझे बिट्स पिलानी में सीएस मिल रहा है, लेकिन मुझे आईआईटी से ही पढ़ना है। पिता संजय अग्रवाल बिजनेसमैन और मां मनीषा अग्रवाल गृहिणी हैं।
टिप्स: इंटर से ही अच्छी तरह तैयारी शुरू कर दें।
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