फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन डीजीपी की अलग ही थी बात, पुलिसकर्मियों में अनुशासन बनाए रखने के लिए बनाई ये नीति

Thu, 10 Jan 2019 03:20 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
पूर्व डीजीपी एसी शर्मा - फोटो : amar ujala
लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इस कॉलम में हम आपको ऐसे ही ‘अलग बात’ वाले वर्दी वालों से परिचित कराते हैं। पूर्व पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को अपराधियों पर नकेल कसने में लोग आज भी याद करते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
पूर्व डीजीपी एसी शर्मा - फोटो : amar ujala
19 मार्च 12 को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक बने एसी शर्मा की कई साल पहले लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक पद की तैनाती को भी लोग याद करते हैं। अपराधियों के प्रति सख्ती को लेकर चर्चित एसी शर्मा की डीआईजी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने एक धार्मिक संस्थान में पुलिस की दबिश के विरोध का डटकर सामना किया।
विज्ञापन

3 of 5
डेमो - फोटो : डेमो
इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा। इसके बाद पूरे परिक्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़ का सिलसिला शुरू हुआ था। एसी शर्मा ने पुलिस महानिदेशक बनने पर पुराने अंदाज में काम शुरू किया। थानों पर पीड़ित की सुनवाई के साथ अफसरों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के संदेश दिए। 

4 of 5
यूपी पुलिस
इसके साथ उन्होंने पुलिसकर्मियों की गृह जनपद के पास तैनाती की नीति के तहत तबादले शुरू कराए। एसी शर्मा का मानना था कि  दूरस्थ जिले के बजाय घर के पास तैनाती होने पर पुलिसकर्मी ज्यादा अनुशासित रहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेमो
उन पर पुलिस अफसरों के साथ रिश्तेदारों की भी नजर रहती है। साल भर से अधिक समय तक पुलिस महानिदेशक रहे एसी शर्मा ने अनेक मामलों में सत्ताधारी दल के विरोध का सामना किया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें