फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'कृष्ण- सुदामा' मिलन की साक्षी बनी ये ट्रेन, दो घंटे तक स्टेशन पर ही रुकी रही

Mon, 27 Aug 2018 01:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
डॉ राजेंद्र प्रसाद - फोटो : डेमो
प्रसंग डॉ राजेंद्र प्रसाद से जुड़ा है। डॉ राजेंद्र प्रसाद कांग्रेस के तीन-चार बार अध्यक्ष भी रह लिए। वे कांग्रेस के ही किसी कार्य से रेलगाड़ी से पटना से दिल्ली जा रहे थे। लखनऊ व इलाहाबाद के कुछ पत्रकार भी उनके साथ थे। रेलगाड़ी एक स्टेशन पर अचानक रुक गई। ऐसा रुकी कि दो घंटे तक वहां से हिलने का नाम ही नहीं लिया। 
विज्ञापन

2 of 5
डॉ राजेंद्र प्रसाद - फोटो : डेमो
वरिष्ठ पत्रकार रामकृष्ण ने इस किस्से का उल्लेख कुछ यूं किया है, 'हुआ यह कि स्टेशन पर जब द्रेन रुकी तो डॉ राजेंद्र प्रसाद की नजर अचानक वहां प्लेटफॉर्म पर घूम-घूमकर पानी पिला रहे एक अधनंगे, क्षीणकाया वाले व्यक्ति पर पड़ गई। डॉ राजेंद्र प्साद अचानक चिल्लाए 'अरे! रमदेउवा, तू इहां कहां?' यह कहते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद नंगे पैर और नंगे सिर प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए। कुछ ही देर में रमदेउवा नाम के शख्स का पसीने में तरबतर शरीर डॉ साहब की बांहों में था।'
विज्ञापन

3 of 5
डॉ राजेंद्र प्रसाद - फोटो : डेमो
रामकृष्ण ने लिखा है, ' हम लोग अचंभित थे । यह देखकर डॉ राजेंद्र प्रसाद बोले, 'ये हमारे बाल मित्र है। बचपन में हम लोगों ने गिल्ली-डंडा और कबड्डी साथ-साथ खेला है।' रमदेउवा के आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे। डॉ राजेंद्र प्रसाद का भी यही हाल। इसी बीच राजेंद्र प्रसाद ने घर का पता पूछा और जब पता चला कि वह स्टेशन की रेलिंग के बगल में झोपड़ी बनाकर रहता है तो वहां के लिए चल दिए। 

4 of 5
डॉ राजेंद्र प्रसाद - फोटो : डेमो
काफी देर वहां बैठे गांव की बातें करते रहे। रमदेउवा के हाथ का का मट्ठा पिया। देश का नेता रमदेउवाके लिए रजिन्नर बन गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डॉ राजेंद्र प्रसाद - फोटो : डेमो
मिलन कुछ उस तरह था जैसे कृष्ण-सुदामा का। इस मिलन में दो घंटा रेलगाड़ी खड़ी रही। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें