लोगों की आस्था का केंद्र प्राचीन बड़ा शिवाला में बाबा भोलेनाथ रुद्री माला संग अपने विशालकाय स्वरूप में विराजमान है। कहते हैं कि बाबा का सावन मास भर जलाभिषेक करने से हर कष्ट दूर हो जाते हैं।
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बड़ा शिवाला
- फोटो : amarujala
स्थानीय लोग बताते हैं कि सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर के आसपास पहले कश्मीरी परिवार रहते थे। उन्हीं लोगों ने यहां बाबा को विशालकाय स्वरूप में विराजा। तब नगर में कहीं भी इतना विशालकाय शिवलिंग दूसरा नहीं था तो इनका नाम भी बड़ा शिवाला पड़ गया।
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बड़ा शिवाला
- फोटो : अमर उजाला
धीरे-धीरे यही नाम दूर-दूर तक चर्चित हुआ। शिवलिंग के अरघे पर चारों ओर दो चक्रों में सैकड़ों रुद्राक्ष से बनी माला भी उकेरी गई है। दसों दिशाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस शिवालय में सिर्फ शिवलिंग और नंदी स्थापित है।
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बड़ा शिवाला
- फोटो : amar ujala
पौराणिक मान्यता है कि भोलेनाथ जब दुष्टों का संहार करने निकलते हैं तो उस वक्त उनके साथ सिर्फ नंदी ही रहते हैं। ऐसे में माना जाता है कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही बाबा सारे विकार, दुख हर लेते हैं।
यहां पूजन करने वाले के दुश्मन हर कदम पर हार जाते हैं। सावन मास भर यहां हर दिन बाबा का पूजन होता है। बाबा के मंदिर में सुबह से शाम तक शृंगार और पूजन के अलावा महिला कीर्तन भी होते हैं।