बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली में बवाल व भगदड़ मच जाने से दो की मौत हो गई जबकि कई घायल हैं जिसमें तीन की हालत गंभीर है। मामले पर सीएम अखिलेश यादव ने मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख व घायलों का पार्टी की तरफ से इलाज कराने की घोषणा की।
2 of 9
मायावती की रैली में लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक में प्रदेश भर से भीड़ उमड़ी थी। रैली खत्म होते ही लोग मेनगेट की तरफ दौड़े। पुलिस के मुताबिक, भगदड़ में कई लोग लड़खड़ा कर गिरे और अन्य उन्हें रौंदते हुए भागने लगे।
3 of 9
गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को एंबुलेंस से लोकबंधु व बलरामपुर अस्पताल भेजा। दो महिलाओं ने अस्पताल पहुंचे से पहले दम तोड़ दिया
4 of 9
घायलों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि तीन को बलरामपुर अस्पताल भेजा गया। घायलों में राजेश्वरी (जिला- खीरी), सरस्वती (गोरखपुर), ग्वारिया (ललितपुर), अनारकली (प्रतापगढ़), गोमती (खीरी), रमन (गोमती का बेटा, उम्र- 12 साल), कुसुमा (प्रतापगढ़), सोमेश्वरी (खीरी), सावित्री (बदलापुर महाराजगंज)।
5 of 9
मामूली रूप से घायल लोगों ने स्मारक के मुख्यद्वार के पास स्वास्थ्य शिविर में प्राथमिक उपचार कराया। भगदड़ में मौत का शिकार बनीं अधेड़ महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी, जबकि दूसरी की पहचान कानपुर के बिल्हौर थाने के गुमानीपुरवा निवासी शांतिदेवी (55) के रूप में हुई थी। उनके पति पुत्तीलाल व दो बेटे खेती करते हैं। पूरा परिवार बसपा से जुड़ा है। (घायलों का हालचाल जानने के लिए बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी अस्पताल पहुंचे।)
विज्ञापन
6 of 9
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी का आरोप है कि भगदड़ के लिए पुलिस जिम्मेदार है। मायावती के रैली स्थल पर आने पर पुलिस ने बाहर के लोगों को अंदर नहीं आने दिया और अंदर के लोगों को बाहर करने लगे। इससे बसपा के एक को-आर्डिनेटर से पुलिस के साथ बहस भी हुई लेकिन पुलिस नहीं मानी। इसी वजह से भगदड़ हुई। (एसएसपी मंजिल सैनी भी अस्पताल पहुंची और घायलों का हालचाल लिया।)