प्रदेश सरकार ने गोंडा की अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों के आधार पर प्रदेश के नौ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में फर्जी शिक्षिकाओं की नियुक्ति की जांच स्पेशल टास्क फोर्स को सौंप दी है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से केजीबीवी की शिक्षिकाओं का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के दौरान अनामिका शुक्ला नाम से नौ केजीबीवी में शिक्षिकाएं कार्यरत होने का मामला सामने आया था।
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anamika shukla
- फोटो : अमर उजाला
बागपत के सेवापुरी, अलीगढ़ के बिजौली, अंबेडकरनगर के रामनगर, सहारनपुर के मुजफ्फरपुर, बागपत के बड़ौत, कासगंज के कासगंज ग्रामीण, अमेठी के अमेठी, रायबरेली के बछरांवा और प्रयागराज के सोरांव केजीबीवी में फर्जी अनामिका नौकरी कर रही थीं।
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- फोटो : अमर उजाला
इनमें से प्रयागराज के सोरांव, बागपत के बड़ौत और वाराणसी के सेवापुरी में फर्जी अनामिका को एक भी रुपये मानदेय का भुगतान नहीं किया गया जबकि छह जगह पर फर्जी अनामिकाओं ने मानदेय के रूप में कुल 12 लाख 24 हजार रुपये से अधिक भुगतान उठाया।
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- फोटो : अमर उजाला
बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी छह जगह मुकदमा दर्ज करा दिया है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है।
वहीं, अनामिका को लेकर अमर उजाला की मुहिम को सफलता मिली है। गोंडा के एक कॉलेज ने असली अनामिका को नौकरी देने का फैसला किया है। तरबगंज के भैय्या चंद्रभान दत्त स्मारक इंटर कॉलेज रामपुर टेंगरहा के प्रबंधक दिग्विजय नाथ पाण्डे ने अनामिका को अस्थाई शिक्षिका के पद पर तैनात करने का फैसला लिया है। इसका प्रस्ताव भी कॉलेज की प्रबंध समिति ने पास कर दिया है।