फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नियुक्ति पत्र लेकर उत्साह से लबरेज दिखीं अनामिका शुक्ला, अमर उजाला को कहा- थैंक्यू

Sat, 13 Jun 2020 09:29 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
अनामिका को लेकर अमर उजाला की मुहिम को सफलता मिली है। गोंडा के एक कॉलेज ने असली अनामिका को नौकरी देने का फैसला किया है। तरबगंज के भैय्या चंद्रभान दत्त स्मारक इंटर कॉलेज रामपुर टेंगरहा के प्रबंधक दिग्विजय नाथ पाण्डे ने अनामिका को अस्थाई शिक्षिका के पद पर तैनात करने का फैसला लिया है। इसका प्रस्ताव भी कॉलेज की प्रबंध समिति ने पास कर दिया है।
 
विज्ञापन

2 of 5
anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में असली अनामिका तो बेरोजगार निकली, गोंडा में मिली, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद कॉलेज के प्रबंधक ने अनामिका को बताया कि संस्थान में आपको अस्थाई तौर नियुक्ति दी जा रही है। बाकी जब भी प्रदेश सरकार की ओर से कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी तो आप उसके लिए आवेदन कर सकती हैं। 
 
विज्ञापन

3 of 5
anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
शिक्षिका बनने का सपना पूरा होने से उत्साहित अनामिका शुक्ला को प्रबंधक दिग्विजय नाथ पाण्डेय ने नियुक्ति पत्र भी सौंपा। प्रबंधक ने कहा कि स्कूल के गैर सरकारी सहायता के प्राइमरी अनुभाग में अनामिका को सेवा का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के लिए तय वेतनमान दिया जाएगा। 
 

4 of 5
anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना था कि अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने अपनी सीमाओं को देखते हुए अनामिका शुक्ला को शिक्षक के पद पर नौकरी का अवसर प्रदान किया है। अनामिका शुक्ला नियुक्ति पत्र लेकर उत्साह से लबरेज दिखीं। अनामिका ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि जिले में ऐसी विचारधारा के लोग हैं। बच्चों को पढ़ाने की इच्छा मन में काफी सालों से थी लेकिन व्यक्तिगत परेशानियों के चलते सफल नहीं हो पाईं थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
उन्हें जब यह जानकारी हुई कि उनके नाम पर दूसरे लोग नौकरी कर रहे हैं उन्हें दुख हुआ। बीएसए के पास अपना पक्ष रखने गईं थीं तो बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने भी उनको प्रोत्साहित किया था। बात मानदेय या वेतन की नहीं है, बात अवसर की है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया। जिससे उनका सपना पूरा हो सका।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें