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कानों में नमी से हो सकता है संक्रमण, बरसात में रखें इन बातों का खास ध्यान

Sat, 27 Jul 2019 03:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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कान में समस्या - फोटो : अमर उजाला
बारिश में संक्रमण की आशंका सबसे ज्यादा होती है और इसकी चपेट में कान आसानी से आ जाते हैं। क्योंकि कान में नमी और पानी आसानी से चला जाता है, जिसे हम हल्के में ले लेते है और बाद में उसी नमी से फंगस पनपने लगते हैं। कान में संक्रमण से क्या दिक्कतें हो सकती हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है, बता रहे हैं केजीएमयू के ईएनटी विभाग के प्रो. वीरेंद्र वर्मा।
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प्रो. वीरेंद्र वर्मा, ईएनटी विभाग केजीएमयू - फोटो : अमर उजाला
आमतौर पर बरसात का मौसम कानों के लिए खराब होता है। कान के बाहरी भाग में बैक्टीरिया और फफूंदी या फंगल बढ़ जाते हैं। इसी तरह कान की पुरानी बीमारियां, जो दबी होती हैं, इस मौसम में उभर आती हैं। नहाते समय, बारिश में भीगते समय या तैराकी करते समय कई बार पानी अंदर चला जाता है। यह वह मौसम होता है जब जुकाम या गला खराब होने जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं, इसका असर कानों पर पड़ता है। खासकर तब जब वायरल दो-चार दिन से अधिक रुक जाए।
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कान में समस्या - फोटो : अमर उजाला
बच्चों का रखें खास ख्याल
बच्चों के मामले में यह दिक्कत और ज्यादा बढ़ जाती है। यदि वायरल ठीक नहीं हो रहा तो तत्काल चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाएं। नहाते समय कानों में रूई लगाकर पानी जाने से बचाएं। कान को ज्यादा साफ न करें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
देखा जाता है कि लोग कभी माचिस की तीली से, चाभी से, पेन से या फिर किसी भी चीज से कान खोदने लगते हैं या खुजलाहट होने पर खुजलाने लगते हैं। उन्हें लगता है कि ये चीजें कान में सीधे तक जाएंगी, जबकि कान अंदर से कर्व लिए होता है। झटके में पर्दे में चोट लग जाती है और पानी निकलने लगता है और बैक्टीरिया या फंगल को फैलने की जगह मिल जाती है।
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कान में समस्या - फोटो : अमर उजाला
खुजलाहट के दौरान कान में न डालें नुकीली चीजें
ठंडी चीजें खाने से बचें, जुकाम होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। तैराकी के दौरान ईयर प्लग का इस्तेमाल करें। यदि पानी चला जाए तो बड्स से सुखा लें वरना छोड़ दें। कोई भी नुकीली चीज से कान के अंदर डालकर खुजलाने की कोशिश न करें। इसके अलावा हाइजीन का विशेष ख्याल रखें और बाहर का खाना खाने से बचें।
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