बलरामपुर के तुलसीपुर नगर में बुधवार भोर में पीर रतन नाथ का पात्र देवता पहुंचा। जहां लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देवीपाटन महंत मिथिलेश नाथ योगी व नगरवासियों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
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पीर रतन नाथ
- फोटो : amar ujala
शक्तिपीठ में श्रद्धालु बुद्धवार से देवी मां के साथ पीर रतन नाथ की भी पूजा करेंगे। इससे जुड़ी एक रोचक कहानी है, बताते हैं प्राचीन काल में दांग नेपाल के राजा रतन नाथ देवीपाटन शक्तिपीठ में आकर घोर तपस्या की थी।
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पीर रतन नाथ
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उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां पाटन देवी ने उनसे वरदान मांगने को कहा था। इस पर उन्होंने मां से वरदान मांगा कि हर वर्ष चैत्र नवरात्र में पंचमी के दिन से लेकर नवमी तक मां के साथ उनकी पूजा हो मां ने उन्हें यह आशीर्वाद दे दिया।
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पीर रतन नाथ
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तभी से लेकर आज तक चैत की पंचमी को नेपाल से पीर रतन नाथ के पात्र देवता लेकर पंचमी के दिन देवी पाटन मंदिर पहुंचते हैं। जहां पात्र देवता का भव्य स्वागत कर पाटन देवी की प्रतिमा के बगल में स्थापित किया जाता है और नवमी पूजा होती है।
नवमी के बाद यह पात्र देवता वापस नेपाल चला जाता है। यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। यही नहीं इस परंपरा से हर साल भारत नेपाल मैत्री संबंधों को मजबूती मिलती है।