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लखनऊ महोत्सवः गायक जावेद अली के सूफियाना अंदाज पर झूमे दर्शक, ... और मीटू मामले पर दिया ये जवाब

Fri, 30 Nov 2018 02:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
लखनऊ महोत्सव की पांचवीं शाम पार्श्वगायक जावेद अली के नाम रही। उनके सूफियाना अंदाज को श्रोताओं ने जमकर सराहा। गायकी का जहां तालियों से इस्तकबाल किया, वहीं गाने गाकर उनका साथ भी दिया। जावेद अली ने अपने सुरीले अंदाज में सर्द रात में गर्माहट भर दी और एक से बढ़कर एक नगमे सुनाकर सूफी नाइट को यादगार बना दिया। 
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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
स्मृति उपवन में चल रहे लखनऊ महोत्सव में बृहस्पतिवार को सूफी नाइट का लुत्फ लेने के लिए खासी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। सूफी नाइट में गायकी का जलवा बिखेरने के लिए पार्श्वगायक जावेद अली जैसे ही मंच पर पहुंचे, दर्शकों को जोश बढ़ गया। जावेद ने दर्शकों का इस्कतबाल स्वीकार करते हुए जोधा अकबर मूवी का मशहूर गाना ‘कहने को जशभने बहारा है...’ गाना शुरू किया तो श्रोता भी संग-संग गुनगुनाने लगे। 
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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
गायकी का कारवां आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अनवर फिल्म का ‘मौला मेरे, मौला मेरे...’ सुनाया। इसी क्रम में जावेद ने ‘आज दिन चढ़िया...’ सुनाया और उसके बाद जैसे ही ‘नैनों की मत सुनियो रे, नैना ठग लेंगे...’ पेश किया तो दर्शकों का जोश देखने लायक था। पीछे की सीटों पर खड़े होकर लोगों ने हाथ ऊपर कर गायक संग गीत गुनगुनाए। 

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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
इसके बाद उन्होंने सूफियाना अंदाज से लबरेज ‘हुस्ने जाना की तारीफ मुमकिन नहीं, आफरीन आफरीन...’ पेश किया। गायकी के कारवां के साथ-साथ श्रोताओं का जोशोखरोश भी बढ़ता जा रहा था। लगातार श्रोताओं की डिमांड भी आती रही, जिसे पार्श्वगायक ने एक-एक कर पूरा भी किया और अपनी आवाज का ऐसा जादू बिखेरा, जो श्रोताओं को हमेशा याद रहेगा। 
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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
जावेद अली ने दिल्ली 6 का गाना ‘अर्जियां...’ व जोधा अकबर फिल्म का ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा दिल में समां जा, शाहों का शाह तू अली का दुलारा...’ से रात को सूफियाना अंदाज से सराबोर कर दिया। इसके बाद ‘छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाइये के... सुनाया।
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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
कव्वाली के अंदाज में सुनाया ‘रश्के कमर...’
जावेद अली ने कहा कि अपनी गीतों को गाने से पहले आपकी पसंद का गाना गाऊंगा। पर, आपको मेरा साथ देना होगा। जावेद ने सुनाया, ऐसे लहरा के तू सामने आ गई तो श्रोताओं ने भी पीछे से तालियों के साथ गाना गाकर साथ दिया। जावेद ने कव्वाली के अंदाज में रश्के कमर... सुनाकर लोगों का जोश डबल कर दिया। इसके बाद जावेद ने रॉकस्टार फिल्म का कुन फाया कुन... सुनाया।
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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
गजलनुमा गीतों का है जमाना
पार्श्चगायक जावेद अली ने बताया कि गजलों का दौर बदल चुका है। अब गजलनुमा गीतों का जमाना है। जावेद ने बताया कि लखनऊ व यूपी से बहुत गहरा संबंध है। पुरखे मुजफ्फरनगर में शाह के रहने वाले थे। पर, उनका जन्म दिल्ली में हुआ। जब-जब लखनऊ आता हूं, अपने घर जैसा लगता है। पार्श्वगायक ने बताया कि सदाबहार गीतों को नए ढंग से गाने का चलन है, जिसे पसंद भी किया जाता है।

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गायक जावेद अली - फोटो : amar ujala
संगीत धरोहर है और क्लासिकल इसका आधार है, इसलिए क्लासिकल म्यूजिक के चाहने वाले कभी खत्म नहीं होंगे। इसकी मिठास हमेशा बनी रहेगी। म्यूजिक शो के बारे में कहा कि नए टैलेंट की कमी नहीं है। ऐसे में म्यूजिक कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि नए प्रतिभावान कलाकारों को अधिक मौके दिए जाएं। पार्श्वगायक ने मीटू के मामले में कहा कि यह विषय मेरी पहुंच से बाहर है, जिसके बारे में मुझे बहुत जानकारी नहीं है, इसलिए बोलना मुनासिब नहीं होगा।
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40 हजार दर्शक जावेद को सुनने पहुंचे
महोत्सव की सूफियाना नाइट में गुरुवार को 40 हजार दर्शक जावेद अली की गायकी का लुत्फ उठाने पहुंचे। समिति के मुताबिक गुुरुवार को छह लाख रुपये से अधिक के टिकट बिके। वहीं महोत्सव के दूसरे दिन 26 नवंबर को 2.85 लाख रुपये के 14,250 टिकट बिके। 27 नवंबर को 4.13 लाख रुपये के 20,650 टिकट और गत बुधवार को कवि सम्मेलन में करीब पांच लाख रुपये के 25,000 टिकट बिके हैं। 
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