धनतेरस पर सोमवार को लखनऊ के बाजारों में जमकर धन बरसा। लोगों ने दिल खोलकर खरीदारी की। करीब 2100 करोड़ रुपये के कारोबार से फेस्टिव सीजन में अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए व्यापारी भी चहक उठे।
विज्ञापन
2 of 7
धनतेरस पर जमकर हुई खरीदारी
- फोटो : amar ujala
ग्राहकों की भीड़ से अमीनाबाद, चौक, हजरतगंज, यहियागंज, आलमबाग, भूतनाथ, पत्रकारपुरम के बाजार और शोरूम देर रात तक गुलजार रहे। इस धनतेरस पर 3.40 करोड़ की रेंज रोवर कार घर पहुंची। वहीं, 500 किलो सोने एवं 2200 किग्रा चांदी के अनब्रांडेड गहने, गणेश-लक्ष्मी, सिक्के आदि बिके। ग्राहकों ने 100 किलो सोने के ब्रांडेड गहने भी खरीदे।
विज्ञापन
3 of 7
धनतेरस पर जमकर सोना बिका
- फोटो : amar ujala
कारोबारी देवेंद्र गुप्ता के मुताबिक इस धनतेरस पर पहले स्थान पर ऑटोमोबाइल्स का कारोबार रहा। व्यापारी आदीश कुमार जैन का कहना कि दूसरे नंबर पर सराफा कारोबार रहा। जानकारी अनुसार धनतेरस पर छोटी-बड़ी मिलाकर 3500 कारें और 9000 से अधिक दोपहिया वाहनों की डिलीवरी हुई। चौक सराफा एसोसिएशन के संरक्षक कैलाश चंद जैन के मुताबिक देर रात तक 110 किलो सोने एवं 450 किलो चांदी के अनब्रांडेड गहने बिक चुके थे। इस धनतेरस पर पिछले साल से अच्छा कारोबार हुआ। चांदी के सिक्के, गणेश-लक्ष्मी, मंदिर, पूजा के बर्तन खरीदने वालों का भी तांता लगा रहा। बर्तनों की दुकानें भी रात 12 बजे तक गुलजार रहीं।
4 of 7
खूब बिके वाहन
- फोटो : amar ujala
4,928 वाहनों का पंजीयन
आरटीओ अशोक कुमार सिंह के मुताबिक धनतेरस पर बिके वाहनों का सही आंकड़ा दो दिन बाद मिलेगा। हालांकि सोमवार शाम तक शहर के डीलरों ने 4,928 वाहनों का पंजीयन किया, जिनका टैक्स परिवहन विभाग के खजाने में पहुंचा। इसमें 2113 दोपहिया वाहन एवं 815 कारें थीं।
विज्ञापन
5 of 7
डेमो
- फोटो : डेमो
खूब बिके एलईडी, वॉशिंग मशीन
नाका के कारोबारी सतपाल ‘मीत’ ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स में सर्वाधिक एलईडी एवं वॉशिंग मशीन की बिक्री हुई। इसके बाद फ्रिज सहित अन्य उपकरण मांग में रहे। धनतेरस पर अनुमानित 300 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
विज्ञापन
6 of 7
खूब बिके बर्तन
- फोटो : amar ujala
50 करोड़ के बिक गए बर्तन
धनतेरस पर अहियागंज, हजरतगंज, नरही, आलमबाग, ठाकुरगंज, इंदिरानगर, चिनहट, गोमतीनगर, डालीगंज, सदर, अलीगंज, तेलीबाग, आशियाना, राजाजीपुरम में अनुमानित 50 करोड़ रुपये के बर्तन लोगों ने खरीदे। कारोबारी हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि तांबे एवं पीतल के बड़े आइटम खूब बिके। पीतल का कूकर शाम तक खत्म हो गया।