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पुलिस ने घेराबंदी कर शराब कारोबारी की कार रोकी, मिले साढ़े सात करोड़ रुपये

Sun, 07 May 2017 07:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ पुलिस ने घेराबंदी कर शनिवार को तड़के डालीगंज इलाके में शराब कारोबारी की गाड़ी से साढ़े सात करोड़ रुपये की रकम बरामद की है। चार गत्तों में भरे नोटों को हल्द्वानी ले जाया जा रहा था। पुलिस को शक है कि यह रकम पोंटी चड्ढा ग्रुप की है। एएसपी ट्रांसगोमती दुर्गेश कुमार ने बताया कि टीम के साथ मॉर्निंग पुलिसिंग पर निकले एसएसआई विद्यासागर पाल ने तड़के 4:30 बजे निरालानगर के आठ नंबर चौराहा से गुजरी दो गाड़ियों का पीछा करने के साथ डालीगंज ओवरब्रिज पर घेराबंदी कराई। इनोवा में सवार अतुल भाटिया ने खुद को हजरतगंज की शिव शक्ति ट्रेडर्स का मैनेजर और साथ में बैठे शिवकुमार तिवारी को कर्मचारी बताया। हालांकि आयकर की पड़ताल में अतुल भाटिया शिव शक्ति ट्रेडर्स का मालिक निकला।
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पुलिस ने गाड़ी में रखे चार बड़े गत्तों के बारे में पूछताछ की। खुलासा हुआ कि उनमें 7.50 करोड़ रुपये भरे हैं। अतुल ने कुबूला कि शराब का कारोबार करने वाली फर्म शिव शक्ति ट्रेडर्स की रकम को हल्द्वानी की एचडीएफसी बैंक में जमा करने ले जा रहा था। हसनगंज में काला धन पकड़े जाने की सूचना पर एएसपी ट्रांसगोमती व सीओ महानगर विशाल विक्रम सिंह पहुंचे। मजिस्ट्रेट व आयकर विभाग के अफसरों को कॉल की।
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इनकम टैक्स के डिप्टी डायरेक्टर प्रमोद कुमार व एसीएम (पंचम) अपनी टीम के साथ पहुंचे। इस बीच मैनेजर अतुल भाटिया एक कर्मचारी के साथ थाने से खिसक लिया। अफसरों ने शिवकुमार से करीब पांच घंटे तहकीकात की। कोई दस्तावेज न प्रस्तुत कर पाने पर आयकर विभाग की टीम ने गत्ते खोलकर नोटों की गिनती कराई और रकम जब्त कर ली।

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पुलिस को शक पोंटी चड्ढा ग्रुप की है रकम
अतुल भाटिया व शिवकुमार तिवारी ने अपने मालिक का नाम नहीं उगला। अफसरों को बताया कि गोमतीनगर व अन्य इलाकों में शराब बिक्री के 7.50 करोड़ रुपये हल्द्वानी पहुंचाने का आदेश मिला था। पुलिस ने पोंटी चड्ढा ग्रुप की रकम होने का अंदेशा जताते हुए छानबीन शुरू की।
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शिव शक्ति ट्रेडर्स के कार्यालय पर छापा, नहीं मिला रकम का उल्लेख
आयकर महानिदेशक (जांच) इकाई के डिप्टी डायरेक्टर जयनाथ वर्मा ने बताया कि फर्म के सहारागंज के सामने स्थित दफ्तर में मिले दस्तावेजों की जांच में कहीं उल्लेख नहीं पाया गया कि फर्म की रकम को लखनऊ से हल्द्वानी ले जाया जा रहा था। फर्म शराब का कारोबार किया जाता है। इस फर्म के मालिक अतुल भाटिया हैं।
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पकडे़ जाने पर मालिक ने खुद को बताया मैनेजर
हसनगंज पुलिस और आयकर विभाग की टीम ने जब 7.50 करोड़ रुपये का कैश सुपुर्दगी में लेकर गाड़ी में सवार लोगों ने पूछताछ की तो अतुल भाटिया ने खुद को शिव शक्ति ट्रेडर्स का मैनेजर बताकर निकल गया। लेकिन जब फर्म के कार्यालय में छापामारी हुई तो वहां के कर्मियों ने फर्म मालिक अतुल भाटिया बताया। डिप्टी डायरेक्टर जयनाथ वर्मा ने बताया कि चेकिंग में बरामद रकम को रविवार को जब्त किया जाएगा। यह रकम हसनगंज पुलिस की सुपुर्दगी में है। इस सिलसिले में अतुल भाटिया को नोटिस जारी करके पूछताछ की जाएगी।
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गंभीर मामला पर, सुस्ती बरकरार
पांच घंटे तक रकम का सोर्स न तलाश सकी पुलिस व इनकम टैक्स टीम
जिस रकम को पकड़ने के लिए पुलिस ने इतनी मुस्तैदी दिखाई, वहीं टीम नोट बरामद होने के पांच घंटे बाद तक किसी नतीजे पर नहीं पुहंच सके। यह रकम किसकी है और कहां जा रही थी। इसका जवाब न तो एएसपी ट्रांसगोमती पास था और न ही इनकम टैक्स के डिप्टी डायरेक्टर पास। सुबह 11:30 बजे करीब नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई मगर वह नहीं चली। इसके बाद दूसरी बड़ी मशीन मंगवाकर नोट गिनती शुरू की। वहीं इनकम टैक्स व पुलिस अफसर पांच घंटे बीतने बाद भी हिरासत में लिए गए कर्मचारी से पूछताछ में कुछ उगलवा नहीं पाए।

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पल-पल की सूचना पुलिस को देता रहा एक युवक
पुलिस सूत्रों का कहना है कि साढ़े सात करोड़ की नई करेंसी हल्द्वानी ले जाई जा रही है, इसकी सूचना एक युवक ने शुक्रवार देर रात पुलिस को दी थी। वह लगातार पुलिस के संपर्क में रहकर पल-पल की जानकारी देता रहा। इसके बाद पुलिस की पीआरबी, चीता, मूवर थाने की फोर्स निराला नगर रूट के अलग-अलग कोने पर देर रात से ही डट गई थी। सुबह करीब साढ़े चार बजे करीब इन गाड़ियों के निकलने से पहले बिना नंबर की पल्सर सवार युवक आठ नंबर चौराहे पर पहुंचा और उसने गाड़ियों के आने की जानकारी दी। पुलिस की गाड़ियां आठ नंबर से ओवरब्रिज ढाल तक लग गई। पुलिस ने ओवरब्रिज पर घेराबंदी करके दोनों गाड़ियां रूकवा लीं।

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एसपीजी स्टाइल में पीछे-पीछे आ रहे गार्ड बोले
साहब मुंह खोलो, पकड़ने से मेडल नहीं मिलेगा
पुलिस टीम ने डालीगंज ओवरब्रिज फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी करके दोनों गाड़ियां रोकी तो उसमें सवार सुरक्षा गार्ड उतरे और पुलिसकर्मियों को सैलूट मारने लगे। उनके हाथ में वाकी-टॉकी थे। पुलिसवाले भी उनका रंगरूट देखकर एक बार चक्कर खा गए। इसी बीच एक गार्ड पुलिसकर्मियों से बोला साहब मुंह खोलो, पकड़ने से कोई मेडल नहीं मिलेगा। करीब दस मिनट तक ओवरब्रिज पर दोनों पक्षों में बात चलती रही। इसी बीच एक पुलिसकर्मी ने चुटकी लेते हुए कहा कि नोटों से भरा एक गत्ता छोड़ दो, पर मैनेजर ने मना कर दिया। इसके बाद सभी को गाड़ियों समेत थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई।
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पुलिसकर्मियों ने की घेराबंदी
सीओ महानगर विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि एसएसआई विद्यासागर पाल व एसचसीपी चंद्रप्रकाश यादव ने दोनों गाड़ियों का पीछा करने के साथ फोर्स को घेराबंदी के आदेश दिए। इस पर इलाके में गश्त पर निकली पीआरबी-1 के दरोगा अवधेश सिंह, कांस्टेबल प्रबल प्रताप, मुकेश कुमार, पीआरबी-2 के दरोगा नन्कूराम, कांस्टेबल पुष्पेंद्र, कमलेश कुमार, चीता मोबाइल के कॉस्टेबल वरुण कुमार, रामनरेश, धीरेंद्र, शरद, महेश, मायाराम, रोहित सैनी, मूवर-45 के कांस्टेबल सोवेंद्र सिंह, अवधेश कुमार, अंबुज शर्मा, दक्ष कुमार, वैभव पुनिया व राजेश मिश्रा ने ओवरब्रिज पर घेराबंदी करके दोनों गाड़ियां पकड़ लीं।
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