मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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उन्होंने आगे कहा, जैसे आज मुर्शिदाबाद जल रहा है, याद करिए 17 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही होता था। कभी मुजफ्फरनगर के दंगे। छह महीने तक चला था मुजफ्फरनगर का दंगा। बरेली, साल में चार दंगे तो उनके लिए जैसे पेटेंट हो गए थे। अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर और न जाने कहां-कहां, कोई जिला ऐसा नहीं था। कोई पर्व या त्योहार आता था तो पर्व और त्योहार का उत्साह इसलिए मंद पड़ जाता था, सज्जन और शरीफ लोगों को आशंका होती थी कि पता नहीं दंगा की चपेट में कौन आ जाए। व्यापारी इसलिए व्यापार करने से घबराता था कि कब दंगा हो जाए और उसका सामान आग भेंट चढ़ जाए। आज तो दंगा नहीं होता है, आज तो उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त है। आज उत्तर प्रदेश हर पर्व और त्योहार को उसी उत्साह, उमंग के साथ मनाता है। क्या होली, क्या दीपावली, क्या ईद, क्या क्रिसमस, क्या गुरु पर्व... हर धर्म, संप्रदाय का त्योहार उसी उत्साह और उमंग से मनाया जा रहा है।''